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वित्त मंत्री ने दिया फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को आश्वासन, कहा बहुत जल्द देंगे भर्ती प्रक्रिया को अप्रूवल

वित्त मंत्री ने दिया फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को आश्वासन, कहा बहुत जल्द देंगे भर्ती प्रक्रिया को अप्रूवल

 भोपाल गरिमााा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में कैबिनेट का विस्तार हो चुका है और सभी मंत्रियों को विभाग भी बांट दिए गए हैं जिसके बाद जगदीश देवड़ा को वित्त मंत्री चुना गया.. कल फॉलन आउट अतिथि विद्वान वित्त मंत्री से मिले और अपनी समस्याएं उनके सामने रखी जिसके बाद वित्त मंत्री ने उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए यह आश्वासन दिया कि बहुत जल्द ही उनकी भर्ती प्रक्रिया को पूरी की जाएगी… 
 बता दें कि कमलनाथ की सरकार में करीब 450 भर्ती प्रक्रिया के फॉर्म रखे हुए थे उन्हें वित्त द्वारा अप्रूवल नहीं मिला था, जिसके बाद अब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि महज 1 से 2 दिन में उन रखे हुए फॉर्म को अप्रूवल दे दिया जाएगा, इसके साथ ही जो अन्य चॉइस फिलिंग कराई गई थी उन्हें भी बहुत जल्द अप्रूवल मिलेगा.. 
 इस प्रकार से चॉइस फिलिंग पर अप्रूवल मिलने से करीब 1156 अतिथि विद्वानों की सेवा में बहाली हो जाएगी फिर भी करीब 700-800 अतिथि विद्वान सेवा से बाहर रहेंगे.. 
 इस विषय पर जब अतिथि विद्वानों ने जगदीश देवड़ा से बात की तो उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही उन अतिथि विद्वानों को भी सेवा में लिया जाएगा.. 
 बताते चलें कि 2 दिन पूर्व ही अतिथि विद्वान उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव से भी मिले थे जिसके बाद उन्होंने कहा था कि अगर सिंधिया जी ने सभी को सेवा में लेने का वादा किया है तो उनका वादा जरुर पूरा होगा सभी फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को जल्द से जल्द सेवा में लिया जाएगा. 

 वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अब अपनी सरकार बनाने के लिए लगातार यह जुमलेबाजी कर रही है कि उनकी सरकार मध्यप्रदेश में आते ही पहले कैबिनेट की मीटिंग में अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण कराया जाएगा… 
 तो वही कल चुनाव आयोग ने उपचुनाव कोरोना काल में कराने को लेकर रोक लगा दिया है.

 


 अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि साथी फॉलन आउट अतिथि विद्वानों की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है… अगर भर्ती प्रक्रिया को अप्रूवल मिल भी जाता है तो फिर भी कई अतिथि विद्वान सेवा में वापस नहीं हो पाएंगे, हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री ने यह आश्वासन दिया है कि सभी अतिथि विद्वानों की सेवा में बहाली की जाएगी.. पर हम लगातार गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द सेवा में बहाली की जाए क्योंकि अतिथि विद्वान ही अपने घर का एकमात्र सहारा है जिनकी वजह से पूरा घर चलता है.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कहा गया था कि कोरोना जैसी महामारी में कि किसी को भी बेरोजगार नहीं होने दिया जाएगा कोरोना के समय में सभी को वेतन दिया जाएगा हमारे फॉलन आउट अतिथि विद्वान 8 महीने से नौकरी से बाहर कर दिए गए थे.हमारे पांच अतिथि विद्वान कांग्रेस सरकार की शोषणकारी नीति की वजह से नौकरी से बाहर कर दिए जाने के कारण आर्थिक मानसिक शोषण के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या भी कर ली थी.  दो अतिथि विद्वान साथियों के बच्चों को इलाज न मिलने के कारण मौत के मुंह में समा गए एक अतिथि विद्वान को पैरालाइज का अटैक हो गया एक अतिथि विद्वान को ब्रेन हेमरेज हो गया 
 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अतिथि विद्वानों के आंदोलन स्थल पर शाहजनी पार्क में 16 दिसंबर को आये  थे, इस दौरान उनकी सत्ता में सरकार नहीं थी.
 और शिवराज सिंह चौहान ने सेवा में बहाली को लेकर पूर्ण आश्वासन दिया था
 तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ सिया गुजारिश की थी कि अतिथि विद्वानों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें उनका नियमितीकरण करें इसका श्रेय आप लेना चाहते हैं तो ले लें.  लेकिन अतिथि विद्वानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने ना पड़े इनके भविष्य से खिलवाड़ ना करें इन्हें नियमित करें.
 डॉ भदौरिया ने कहा कि अब सत्ता में आपकी ही सरकार है इसलिए हम अतिथि विद्वान आपकी तरफ आशा भरी निगाहों से निवेदन करते हैं कि हमारे फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को व्यवस्था में लेकर सभी 5 हजार अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण किया जाए….।।

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