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इसलिए अपने समर्थकों के साथ "सिंधिया" ने थामा है भाजपा का दामन, "कमलनाथ" ने खोला ये बड़ा राज़

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार (Kamal nath Government) को गिरे हुए एक माह से ऊपर हो गया हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस (Congress) की कमलनाथ सरकार 15 माह तक सत्ता में रहीं। लेकिन 16वें महीने में शुरू हुए ऑपेरशन लोटस (Operation Lotus) ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को तोड़ कर रख दिया। बता दे कि 20 मार्च को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ ली थी।

क्या थी सरकार गिरने की वजह 

कमलनाथ सरकार गिर जाने के पीछे मुख्य रूप से कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल होने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)  रहें। जो अपने 22 समर्थकों के साथ बीजेपी (BJP) में शामिल हुए। कांग्रेस के लिए 22 विधायकों का इस्तीफा एक बहुत बड़ा झटका था। सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफे के कारण कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी।  

कांग्रेस है महाराज पर हमलावर

प्रदेश से सरकार गिर जाने के बाद से कांग्रेस के सभी पूर्व मंत्री, नेता और विधायक लगातार ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से इन सभी को अपने निशाने पर बनाई हुई हैं। वही समर्थकों के भी बयानों को आधार बनाकर जनता के सामने पेश किया जा रहा हैं। इसी बीच अबतक मौन धारण किए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंधिया को आड़े हाथों लेते हुए बड़ा राज खोले हैं। 

महाराज को लेकर क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 

एक निजी चैनल से चर्चा के दौरान नाथ ने खुलासा किया है कि मुझे पता था कि लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) हारने के बाद वह जुलाई से भाजपा के संपर्क में हैं। सिंधिया अपनी हार के बाद बीजेपी के संपर्क में थे, लेकिन बीजेपी की राज्य इकाई ने उन्हें कभी नहीं चाहा। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व किसी भी कीमत पर मध्य प्रदेश से दूसरी राज्यसभा सीट (Rajyasabha Seat) चाहता था। इसलिए उन्होंने सिंधिया को भाजपा की सदस्यता दिला दी।

बता दे कि कमलनाथ के इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी बवाल मच चुका हैं। 

 

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