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MP byelection 2020 अड़ गए कमलनाथ : ना बयान वापस लेंगे, ना माफी मांगेंगे, जनता को मुद्दों से भटका रही बीजेपी

MP byelection 2020 अड़ गए कमलनाथ : ना बयान वापस लेंगे, ना माफी मांगेंगे 

  • बीजेपी ने रखा है मौन व्रत और कांग्रेस को जमकर घेरने की तैयारी में दिग्गज नेता 
  • कमलनाथ ने डबरा की पूर्व विधायक और मंत्री इमरती देवी को “आइटम ” कहा तो मच गया बबाल 
  • मध्यप्रदेश की राजनीति में उपचुनाव को जीतने और सरकार बनाने के लिए मसाला तैयार हो रहा है लेकिन जनता के मुद्दे हो रहे ग़ायब 

द लोकनीति डेस्क भोपाल 
मध्यप्रदेश में उपचुनाव जैसे-जैसे आ रहे वैसे ही जनता के लिए जरूरी मुद्दे को छोड़कर अब राजनीति एकदूसरे को घेरने और नीचा दिखाने की शुरू हो चली है। 
 प्रदेश की राजनीति में भारी उबाल देखने को मिल रहा । प्रदेश एकतरफ़ जहाँ कोरोना और कुपोषित बच्चो से जाना जा रहा है। शिवराज सरकार भले ही प्रदेश को बीमारू राज्य से अलग देख रही हो लेकिन केंद्र की नजरों में अभी प्रदेश बीमारू राज्य ही साबित हो रहा है। प्रदेश के करोड़ो मजदूर रोज़गार न मिलने से पलायन करते है और प्रवासी मजदूरों की संख्या सबसे ज़्यादा मध्यप्रदेश में है जिन्हे सरकार ने 10 हजार का लोन देने की बात कहती तो जरूर है लेकिन आप अपने आसपास देखें कितनो को मिला है या नहीं ? किसानों का कर्जा जो डिफॉलटर और NPA किसान उनका आजतक पूरा कर्जा सरकार ने माफ़ नहीं किया। पार्टिया कोई भी हो लेकिन सरकार केवल वादा कर जनता को लुभाने में लगी रहती है। सिर्फ़ अपनी सत्ता को हासिल करने के लिए। 

विधानसभा उपचुनाव के बीच कमलनाथ में कैबिनेट मंत्री एवं दलित महिला श्रीमती इमरती देवी को “आइटम” कहा। चारों तरफ विरोध शुरू हो गया। कमलनाथ ने इस मामले में माफी मांगने के बजाय अपने बयान पर टिके रहने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आइटम कोई अपमानजनक शब्द नहीं है। 

आइटम कोई अपमानजनक शब्द नहीं: कमलनाथ ने कहा, माफी नहीं मांगेंगे

कैबिनेट मंत्री एवं दलित महिला श्रीमती इमरती देवी के संदर्भ में आपत्तिजनक बयान की चारों तरफ निंदा होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ अपने बयान पर टिके हुए हैं। उन्होंने तय किया है कि ना तो वह अपना बयान वापस लेंगे और ना ही माफी मांगेंगे। उल्टा उन्होंने अपने बयान को जस्टिफाई करते हुए कहा कि “आइटम” शब्द अपमानजनक नहीं है। लोकसभा और विधानसभा में कार्यसूची को आइटम नंबर लिखा जाता है, पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में भी आइटम नंबर लिखा जाता है। क्या यह असम्मानजनक है? कमलनाथ ने कहा कि क्या यह कोई मुद्दा है? क्या इससे जनता का जीवन जुड़ा है। 

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