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सोमवार भी आ गया पर चयनितों को नहीं मिली नियुक्ति,आखिर और कितना छलावा?

  • चयनित शिक्षकों के साथ हो रहा छलावा 
  • अब तक नहीं मिली नियुक्ति
  • 30,000 से ज़्यादा चयनित अभ्यर्थी कर रहे नियुक्ति का इंतजार
  • 75 चयनित शिक्षकों की हो चुकी है मृत्यु 

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में चयनित शिक्षकों का मुद्दा लगातार गरमाता रहा है. बीते दिनों शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने चयनित शिक्षकों को आश्वासन दिया था कि सोमवार से उनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी पर आज सोमवार है लेकिन अभी तक नियुक्ति के इंतजार में चयनित शिक्षक बैठे हैं. हाल ही में एक चयनित अभ्यर्थी ने नियुक्ति ना मिल पाने की वजह से मानसिक और आर्थिक स्थिति से जूझते जूझते आत्महत्या कर ली.

मध्य प्रदेश के लगभग सभी सरकारी विभागों में पद खाली है लेकिन पद पर नियुक्ति नहीं मिल रही है. बेरोजगारों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है लेकिन फिर भी भर्ती परीक्षाएं नहीं हो रही. इसके साथ ही जो अभ्यर्थी चयनित हैं उन्हें भी नियुक्ति नहीं मिल रही.

सरकार ने वर्ष 2019 में हाईस्कूल और मिडिल स्कूल के शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए एग्जाम कराया था. 2020 में परिणाम घोषित हुए. जो भी पात्र उम्मीदवार हैं उनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो चुका है. इसके बाद भी अभी तक इन शिक्षकों को नियुक्ति विभाग द्वारा नहीं मिल रही है. सरकार से जब भी इनकी मुद्दों पर सवाल किया जाता है तो सिर्फ एक ही बात सामने आती है कि जल्द नियुक्ति मिलेगी पर नियुक्ति कब तक मिलेगी यह स्थिति साफ नहीं हो रही है.
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं पर सरकार का ध्यान इस तरफ बिल्कुल भी नहीं है. सरकार सिर्फ एक ही वाक्य कहती है कि जल्द ही चयनितों की नियुक्ति की जाएगी पर कब की ज्यागी पता नहीं.
75 चयनित शिक्षकों की अब तक मृत्यु हो चुकी है. आगे देखना होगा कि चयनित शिक्षकों के मुद्दे पर सरकार का क्या रुख रहता है

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