मोदी रोजगार दो...

मोदी रोजगार दो...

मोदी रोजगार दो...

-राजकमल पांडे : देश मे दिनो दिन बढ़ रही बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने ट्विटर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रोजगार की मांग की। ‘मोदी रोजगार दो’ लोगो ने सरकार से सवाल किया कि 2 करोड़ रोजगार का वादा करके कहाँ चले गए। रोजगार मांगने वाले लोगो के साथ साथ विपक्ष ने भी सरकार को घेरा।

जैसे कि कोरोना संकटकाल के बाद देश मे जिस तरह बेरोजगारी बढ़ी है। आईएलओ के आकड़े के मुताबिक विश्व में औसत रोजगार दर 57 फीसदी है, वहीं भारत की औसत रोजगार दर 47 फीसदी है। आकड़ों के मुताबिक पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश इस मामलों मे आगे हैं। पाकिस्तान और श्रीलंका का रोजगार दर क्रमश: पचास व इक्यावन फीसदी है। वहीं बांग्लादेश की रोजगार दर 57 फीसदी है।

आपको बता दें कि कोरोना संकटकाल के बाद भारत बस नही पूरा विश्व रोजगार के संकट से जूझ रहा है। सबसे विकसित देश अमेरिका तक में रोजगार जैसे संकट खड़े होना दर्शाता है कि अन्य देशो के क्या हालात होंगे। ऐसे में भारत देश में रोजगार के संकट खड़े होना लाजिमी है। पर इस मामले में सरकार के लिए कोरोना संकट तो महज एक बहाना है, देश मे पिछले 5 वर्षो से बेरोजगारी है और युवा दर-दर कि ठोकरे खा रहे हैं। फिर सरकार कोरोना का बहाना बता कर यह नही कह सकती कि रोजगार नही है। सरकार को रोजगार से गंभीर मुद्दे मे बात करना चाहिए, चूंकि रोजगार से जैसे मुद्दे मे बात न करके सरकार अपनी नाकामी को छिपाने में लगी है।