मध्यप्रदेश: ढोल-नगाड़े के साथ निकली नंदी बाबा की शव यात्रा

- एमपी के एक गांव में धूमधाम से निकली सांड की अंतिम यात्रा
- सड़क दुर्घटना से हुई थी सांड की मौत, शिव की सवारी नंदी का प्रतीक मानते थे
- रघुपति राघव राजाराम, हर हर महादेव के मोक्षधाम में लगाए नारे
सिवनी/प्रियंक केशरवानी:- मध्यप्रदेश के शिवनी जिले के गणेश गंज में एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया है.यहां एक सांड की मौत हो जाने के बाद लोगों ने उसकी अंतिम यात्रा निकाली शव यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. साथ में भजन-कीर्तन करते गाते हुए लोगों ने सांड को अंतिम विदाई दी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सांड को शिव की सवारी मानकर नंदी बाबा कहा जाता है और इस नंदी ने आज तक किसी को नुक्सान भी नहीं पहुँचाया था बताया जाता है कि यह सांड स्थनीय लोगों में काफी लोकप्रिय था जहां नंदी बाबा के नाम से मशहूर सांड की अंतिम यात्रा पूरे धूमधाम से निकाली गई. और ट्रैक्टर पर फूलों से सजा कर सांड के शव को रखा गया और पूरे गांव का भ्रमण कराया गया।
बचपन से स्थानीय लोगों के बीच रहा सांड दुर्घटना से हुई मौत
गणेशगंज इलाके में करीब 6 साल से यहां की रिहायशी बस्ती में लोगों के बीच रहता था सांड. स्थानीय लोग इस सांड को शिव की सवारी नंदी के रूप में मानते थे. और उसे नंदी बाबा कहकर बुलाते थे और अपनी आस्था रखते थे. सांड करीब 10 साल का था और एक हफ्ते पहले सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हो गया था घायल नंदी बाबा को पशु चिकित्सकों को दिखाया गया लोगों ने पशु चिकित्सक की मदद से इलाज कराया और खुद भी इसकी खूब सेवा की. लेकिन सांड की जिंदगी नहीं बच पाई और उसकी मौत हो गयी. सांड के प्रति अपनी आस्था को कायम रखते हुए लोगों ने पूरे विधि विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया और सभी गांव वाले गाते बजाते हुए सांड की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।




