मध्यप्रदेश ने एक बार फिर बनाया रिकॉर्ड, फर्स्ट डोज वैक्सीनेशन के मामले में रहा प्रथम स्थान पर, सीएम ने दी बधाई..

- टीकाकरण महाअभियान में शीर्ष पर रहा प्रदेश
- 83 फीसदी से ज्यादा लोगों को लग चूका है वैक्सीन का पहला डोज
- टीकाकरण कार्य में जुटे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की करी तारीफ
भोपाल/निशा चौकसे:- कोरोना टीकाकरण महाअभियान रिकॉर्ड बनाने वाले मध्यप्रदेश ने अब एक और रिकॉर्ड तैयार किया है. जिसमे लोगों को टीके की पहली खुराक देने के मामले में एमपी पहले स्थान पर पहुंच गया है. मध्यप्रदेश में अब तक 83 फीसदी से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है. जो देश में सर्वाधिक है. इस मामले में गुजरात, कर्नाटक व राजस्थान क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे पायदान पर हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेशवासियों को एक बार फिर सचेत किया और कहा मध्यप्रदेश में अभी कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है. लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि महू में एक साथ 30 लोग संक्रमित मिले हैं. इसका मतलब ये है कि हमें अभी भी विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है. हम तेजी से वैक्सीनेशन करने के कार्य में दिन रात जुटे रहे. इसलिए हम बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित होने से रोक पाए हैं.
27 सितंबर को फिर होगा टीकाकरण महाअभियान
शत प्रतिशत फर्स्ट डोज वैक्सीनेशन की लक्ष्य पूर्ति के मकसद से प्रदेश में 27 सितंबर को एक बार फिर टीकाकरण महाअभियान चलाया जाएगा. इस महाअभियान में प्रमुखता से प्रदेश के उन व्यक्तियों को कोरोना से बचाव के टीके की प्रथम डोज लगाई जाएगी, जिन्होंने अभी तक इसे नहीं लगवाया है. इस सिलसिले में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिला, विकासखंड, वार्ड और ग्रामस्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों के सदस्यों के साथ वर्चुअल संवाद किया. सीएम ने कहा हम अंतरात्मा से इस अभियान से जुडऩे का संकल्प लें. इस अभियान से जुडऩे के बाद हम समाज को भी इससे जोड़ें.
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दी बधाई
इस दौरान मुख्यमंत्री ने टीकाकरण कार्य में जुटे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पित भाव की सराहना भी की, उन्होंने कहा मैं देख रहा हूं कि बारिश के समय अगर नाले को भी पार कर जाना पड़ा तो हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ता नाला पार कर, पहाड़ों पर चढ़कर और खेतों में भी वैक्सीन लगाने का कार्य कर रहे हैं. मैं सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं. जब समाज जुड़ता है, जनप्रतिनिधि जुड़ते हैं, स्वयंसेवी संस्थाएं जुड़ती हैं तो अभियान का स्वरूप अलग होता है. मैं सभी जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, मीडिया के मित्रों को बधाई देता हूं.




