शिवराज के मास्टर स्ट्रोक के खिलाफ कमलनाथ ने संभाला मोर्चा,बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने यूथ वोटर्स को साधने की कवायद शुरू

मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने यूथ वोटर्स को साधने की कवायद शुरू कर दी है.
भोपाल से भारती चनपुरिया की रिपोर्ट : – प्रदेश की सियासत (Politics) में बीजेपी (BJP) व कांग्रेस (Congress) के बीच में अब वोटर्स को साधने के लिए हर रोज नए-नए दाव पेंच आजमाए जा रहे हैं. सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को मौका देने के सीएम शिवराज सिंह(CM Shivraj Singh) के ऐलान के बाद कमलनाथ (Kamalnath) अब युवाओं के मन की बात करने की तैयारी में है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा की 20 अगस्त को युवाओं से संवाद के जरिए प्रदेश में करीब 3 करोड़ युवाओं को संबोधित करेंगे. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश को संबोधित करने वाले कमलनाथ अब प्रदेश के युवाओं के मन की बात करने की तैयारी में है.
आप को बता दे की मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सीएम कमलनाथ 20 अगस्त को शाम 4 बजे सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के जरिए युवाओं से संवाद करने वाले है . कमलनाथ अपने 15 महीने की सरकार के कार्यकाल में युवाओं के लिए उठाए गए कदम, युवा स्वाभिमान योजना समेत कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखने वाले है . युवाओं को लेकर कांग्रेस की अगली रणनीति का भी खुलासा करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी व युवाओं के सुसाइड के बढ़ते मामलों के विषय पर भी संवाद करेंगे. कोरोना(Corona ) काल में बीजेपी सरकार की नीतियों से बने हालातों को लेकर भी कमलनाथ युवाओं से रूबरू होंगे.
मध्यप्रदेश में वोट वोटर्स
प्रदेश में 20 से 29 की उम्र के 27.38%, 30 से 39 की उम्र के 25.58 % वोटर हैं. 5.34 करोड़ वोटर में से 2.75 करोड़ से ज्यादा वोटर युवा हैं. सबसे खाश बात है यह है कि प्रदेश में 27 विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में भी निर्णायक भूमिका में युवा वोटर ही हैं और यही कारण है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही यूथ वोटर्स पर फोकस कर रहे हैं.
बीजेपी ने कसा तंज
आप को बता दे की कमलनाथ के युवा जन संवाद को लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल(Rajnish agrwal) ने कहा है कि कांग्रेस सरकार में युवाओं को नौकरी देने के नाम पर ढोर चराने और बैंड बाजा की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की गई थी, जो कि कांग्रेस की युवा सोच क्या है. सीएम शिवराज सिंह ने एक दिन पहले ही सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को मौका दिए जाने का ऐलान कर प्रदेश में होने वाले उप चुनाव से पहले बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है. सीएम शिवराज के युवाओं को साधने के लिए किए गए ऐलान का काउंटर करने के लिए अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोर्चा संभाला है.




