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धार कारम डैम लीकेज मामला : जांच दल ने सौंपी अपनी रिपोर्ट, इनको पाया गया दोषी

धार : मध्य प्रदेश के धार जिले के कारम बांध लीकेज मामले में 15 अगस्त को सरकार ने जल संसाधन विभाग के अपर सचिव आशीष कुमार की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया था। इसमें राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार जायसवाल, मुख्य अभियंता ब्यूरो ऑफ डिजाइन एंड हायडल, जल संसाधन भोपाल दीपक सातपुते और संचालक बांध सुरक्षा भोपाल अनिल सिंह को शामिल किया गया था।

वहीं, जांच के लिए चार सदस्यीय गठित समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को सौंप दी है। रिपोर्ट में सिर्फ मानीटरिंग करने वाले एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से लेकर निचले स्तर के इंजीनियरों को ही पीडब्ल्यूडी मैन्यूअल के हिसाब से काम नहीं कराने का दोषी पाया गया है।

कहा जा रहा है कि सरकार इन पर कार्रवाई कर सकती है, जबकि बड़े अफसरों और इंजीनियरों को बचाने के लिए डिजाइन, टेंडर शर्तों और सुपरविजन आदि में खामी न बताकर उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है।

हालांकि, जांच रिपोर्ट में अभी यह साफ नहीं है कि कितने करोड़ का नुकसान मध्यप्रदेश सरकार को हुआ है।

इससे पहले भी जांच दल ने बांध की पाल में कई खामियां गिनाई हैं। रिपोर्ट में बताया गया था है कि बांध की पाल काली मिट्टी से तैयार की गई है, लेकिन उसे ऊपर से पत्थर और मुरम से कवर नहीं किया गया। मिट्टी में कंकड़ भी थे, जिस वजह से पानी भरने से मिट्टी में कटाव शुरू हो गया और बांध की पाल से पानी रिसने लगा।

वहीं मैदानी स्तर पर बांध निर्माण की देखरेख का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई थी। उन्होंने लगातार निगरानी नहीं की। जबकि उन्हें तय मापदंड के मुताबिक हर स्तर पर बारीकी से निगरानी करनी थी।

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