लाल रंग का सूटकेस था किसी को मिला क्या

लाल रंग का सूटकेस था किसी को मिला क्या

दो दिन बाद पता चलेगा कि इस लाल रंग के सूटकेस का मालिक कौन है। 

सूटकेस को किसने लूटा-11 अक्टूबर देखिए लूट-सूट-केस

एक नई फ़िल्म जिसका नाम है लूटकेस

हिंदी फ़िल्म लूटकेस एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन राजेश कृष्णन ने किया है, फ़िल्म को फ़ॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित किया गया है। इसमें कुणाल खेमू और रसिका दुग्गल मुख्य भूमिकाओं के साथ विजय रज़, गजराज राव, रणवीर शौरी सहायक भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म एक लाल रंग के सूटकेस के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें ख़ूब सारा रुपया रखा हुआ है, पर इतना सारा रुपया है किसका इसका पता तो 11 अक्टूबर को ही पता चल पायेगा। 

क्या लगता है ट्रेलर देखकर

 

एक मिडिल क्लास फ़ैमली है जिसकी सबसे बड़ी ज़रूरत होती है रुपया। अब रुपया कमाने के लिए कोई काम करना पड़ता है और काम बड़ी मेहनत से मिलता है। जो फ़ैमली मिडिल में अटकी रहती है वो बड़ी मुश्किल से अपने सपने पूरे कर पाती है। हाँ अगर भगवान जल्दी साथ देदे तो सपने आसमान की उड़न भर देते हैं। ऐसा ही कुछ दिखाई देता है फ़िल्म के कैरेक्टर नंदन कुमार को देखकर जिसे निभाया है कुणाल खेमू ने, बड़े दिनों के बाद हमें खेमू जी के दर्शन होने जा रहे हैं और उनकी पत्नी के रोल में दिखाई देती हैं रसिका दुग्गल, जिनका प्यारा से छोटा लड़का। फ़ैमिली छोटी पर सपने बड़े हैं।  गैंगस्टर के रोल में विजय राज जो बाला राठोर का किरदार निभा रहे हैं, जिनका पैसों से भरा सूटकेस गायब हो जाता है। यह सूटकेस कुणाल खेमू के हाथ लग जाता है, पहले तो वे बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है लेकिन बाद में वो बड़े-बड़े सपने देखने लगते हैं। इस सूटकेस के पीछे गैंगस्टर के अलावा एक एमएलए भी पड़ा हुआ है जो ग़ैरक़ानूनी तरीके से इस सूटकेस को पाना चाहता है, एमएलए इस काम के लिए पुलिस बने रनवीर शौरी की मदद लेते हैं जो बड़ी मुश्किलों से नंदन का पता लगा ही लेता है। इसके बाद क्या?

उसके लिए हमें फ़िल्म देखनी होगी, जाइयेगा ज़रूर।