हैवानियत की हद : 7 घंटे तक चला ऑपरेशन, हथेली जोड़ी, पैर की करनी पड़ी प्लास्टिक सर्जरी, 48 घंटे में पता चलेगी इसकी रिपोर्ट

हैवानियत की हद : 7 घंटे तक चला ऑपरेशन, हथेली जोड़ी, पैर की करनी पड़ी प्लास्टिक सर्जरी, 48 घंटे में पता चलेगी इसकी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश/भोपाल - मंगलवार को राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र से चौका देने वाला मामला सामने आया, जहां चरित्र पर सवाल उठाते हुए एक शराबी पति ने पत्नी के साथ राक्षसाें जैसी हरकत कर दी। उसने फरसे से पत्नी के बाएं हाथ की हथेली और बाएं पैर का पंजा काट दिया। जिसके बाद गंभीर हालत में पीड़िता पत्नी को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

यहां डॉक्टरों ने लंबे ऑपरेशन के बाद हथेली को तो री-इंप्लांट कर दिया। वहीं, पैर के पंजे की प्लास्टिक सर्जरी की हैं। हालांकि महिला की जान को खतरा नहीं हैं। उसे रिकवरी रूम में रखा गया हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि हथेली मूवमेंट कर रही है या नहीं, इसका पता 48 घंटे में चलेगा। डॉक्टरों ने संभावना जताई है कि ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहा, तो अगले छह महीने में हाथ पूरी तरह से काम करने लगेगा।

गांधी मेडिकल कॉलेज के हड्‌डी रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि महिला को देर रात हमीदिया अस्पताल लाया गया था। उसका बायां हाथ कलाई से और बायां पैर का पंजा भी कटा हुआ था। रात करीब 2 बजे 5 डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। इसमें कार्डियक सर्जन डॉ. सागर, प्लास्टिक सर्जन डॉ. हरी शंकर, ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. वैभव जैन और एनेस्थिसिया विभाग की डॉ. वंदना और डॉ. राजकुमार शामिल थे।

हथेली का री-इंप्लांटेशन कर दिया गया, जिसे थैली में लेकर आए थे। इसमें हडि्डयों को तारों से और खून की नशों को जोड़ दिया गया। यह सरवाइव कर रहा है या नहीं 48 घंटे में पता चलेगा। ऑपरेशन सुबह करीब 9:30 बजे तक चला। कटे पैर को भी री-इंप्लांट करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं हो सका। इसके बाद उसे प्लास्टिक सर्जरी से कवर कर दिया गया।

अस्थि रोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. वैभव जैन ने बताया कि 'मरीज रात करीब 1 बजे अस्पताल पहुंचा। हालत गंभीर थी। बहुत खून बह गया था। जान बचाने के लिए पहले ब्लीडिंग रोक कर ब्लड चढ़ाया गया। मरीज के स्टेबल होने पर दो बजे के करीब ऑपरेशन थिएटर में लिया गया। जरूरी सामान और प्रक्रिया के बाद करीब ढाई बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें अस्थि रोग, वैस्कुलर सर्जन, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थिसिया चारों विभाग ही महत्वपूर्ण होते हैं। सबसे पहले हड्‌डी को रॉड से जोड़ा गया। फिर खून की नसें जोड़ी गईं। इसके बाद अन्य मांसपेशियों को जोड़ा गया। ऑपरेशन सुबह करीब 9.30 बजे तक चला।

गौरतलब है कि निशातपुरा थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चाैहान के मुताबिक मंगलवार की रात प्रीतम सिंह सिसाेदिया शराब के नशे में धुत था। उसने पत्नी संगीता के चरित्र पर सवाल उठाए ताे विवाद बढ़ गया। प्रीतम ने गुस्से में फरसा उठाया और पत्नी के बाएं पैर का पंजा और बाएं हाथ की हथेली काट कर शरीर से अलग कर दी।