जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक कार्यक्रम में लगे “मोदी मोदी” के नारे, फिर हुआ कुछ ऐसा की …….

जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक कार्यक्रम में लगे “मोदी मोदी” के नारे, फिर हुआ कुछ ऐसा की …….

एक कार्यक्रम में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे मनमोहन सिंह

  • मनमोहन सिंह के मंच पर जाते ही लगे मोदी मोदी के नारे

  • कैसे बन सकती है पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था

  • मनमोहन ने पीएम मोदी को बताया मंत्र

जयपुर – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंचे थे। एक निजी विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शामिल हुए। इस कार्यक्रम में कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को चौका कर रख दिया। दरअसल जब डॉ. सिंह एवं अन्य अतिथि को जैसे ही मंच पर बुलाया गया तो कुछ छात्रों ने मोदी मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए, हालांकि बाद में छात्र खामोश हो गए। मालूम हो कि मनमोहन सिंह को जेकेएलयू लॉरेट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया हैं।

इस दौरान मनमोहन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बार फिर देश की बगिड़ती अर्थव्यवस्था पर चिनता जताई। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय हमारी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती दिखती हैं। जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आ रही हैं। निवेश की दर स्थिर हैं। किसान संकट में हैं। बैंकिंग प्रणाली संकट का सामना कर रही हैं। बेरोजगारी बढ़ती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि गरीबी, सामाजिक असमानता, सांप्रदायिकता और धार्मिक कट्टरवाद तथा भ्रष्टाचार लोकतंत्र के समक्ष कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं।

डॉ. सिंह ने आगे कहा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में सिद्धांतवादी, ज्ञानी और दूरदर्शी नेताओं की जरूरत हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमें हमेशा अपराध और भ्रष्टाचार को कम करने, विधिसम्मत शासन को मजबूत करने तथा विकास के एक इंजन के रूप में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से काम करना चाहिए।

इस दौरान मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी को बताया की किस तरह पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाई जा सकती हैं। मनमोहन सिंह ने कहा इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें एक अच्छी तरह से सोची समझी रणनीति की जरूरत हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कर आतंकवाद रोकना चाहिए। भिन्न विचारों की आवाजों का सम्मान करना चाहिए। सरकार के हर स्तर पर संतुलन लाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो हम कही न कही वापिस पटरी पर लौट सकते हैं।