
* 5 बार कृषि कर्मण अवार्ड का ढिंढोरा पीटने वाली पूर्व की शिवराज सरकार में क्यों किसानों का क़र्ज़ नहीं हो सका माफ़ ???
* क्यों पूर्व की शिवराज सरकार में किसानों का बढ़ा इतना कर्ज़ा ?????
* क्या किसानों के हित में सड़को पर उतरी बीजेपी का यह प्रदर्शन मात्र जनता से वोट बटोरने के लिए हैं ??
* क्या प्रदेश की पार्टियां इतनी संवेदनहीन हो चुकी हैं की उन्हें अपने फायदे के आगे लोगों की अनंत पीड़ाएं छोटी व मामूली नज़र आती हैं ???
* क्या आज प्रदेश सरकार का केंद्र सरकार के खिलाफ व विपक्ष का प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन सिर्फ सुर्खिया बटोरने व जनता के बीच अपनी मात्र मौजूदगी जताने के लिए भर किया जा रहा हैं ?
* क्या दोनों दलों के इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश के डूब प्रभावित व किसानों की समस्या हल हो जाएंगी ?
आज सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि जब पूर्व की शिवराज सरकार ने पूर्व की मनमोहन सरकार के ख़िलाफ़ किसानों की हित में मोर्चा खोला था, और कांग्रेस सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया था, तो शिवराज सिंह अब क्यों केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा नहीं खोल रहे हैं ? क्यों मोदी सरकार के खिलाफ चुप है शिवराज सिंह ?
मध्यप्रदेश : आज प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आया हैं। जहां प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोली हुई हैं। वहीं बीजेपी ने प्रदेश भर में सत्ताधारी कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया हैं। दोनों ही पार्टियां किसानों को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन कर रहीं हैं।
बीजेपी का आरोप है कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों के साथ वादा खिलाफी की हैं। प्रदेश के किसानों का अब तक कर्ज़ा माफ़ नहीं हुआ हैं। इसके अलावा बढ़े हुए बिजली के बिल को लेकर बीजेपी के कई दिग्गज नेता सड़को पर उतरे हुए हैं।
वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने अब तक किसानों के लिए मांगी गई राहत राशि नहीं दी हैं। अधिक वर्षा होने के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कांग्रेस चाहती है कि बीजेपी भी केंद्र की मोदी सरकार से राहत राशि के लिए मांग करें।
उठते है ये सवाल ?
अब सवाल ये उठता है कि यदि दोनों ही पार्टिया जब किसानों के लिए इतनी ही फिक्रमंद है, तो अब तक इन किसानों की समस्या क्यों हल नहीं हो सकी ? क्या ये सिर्फ एक दिखावा मात्र हैं ? क्यों आज प्रदेश के किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं ? कौन है इसका ज़िम्मेदार ??
प्रदेश की कांग्रेस सरकार या केंद्र की मोदी सरकार ?
गौरतलब है कि बीते 15 सालों तक प्रदेश में बीजेपी की सरकार रहीं, तब शिवराज सिंह मुख्यमंत्री हुआ करते थे। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि उनके शासन में किसानों का क़र्ज़ इतना कैसे बढ़ गया ? किसानों के हित में केंद्र की मनमोहन सरकार से लड़ाई करने वाली पूर्व की शिवराज सरकार क्यों अपने कार्यकाल में किसानों का क़र्ज़ माफ़ नहीं कर सकी ? क्या इसका जवाब किसी के पास हैं ?
किसान व जन को तो हमेशा से छला गया है लगता है आज भी छला जाएगा।
इस खबर से हम बीजेपी को नीचे या कांग्रेस को ऊंचा नहीं दिखा रहे हैं। इस खबर का उद्देश्य यहीं है कि सरकार किसी की भी हो, काम जनता के हक़ में होना चाहिए। क्यों आज आम जनता इन सरकारों की मार झेल रहीं हैं। जबकि सत्ता में आपको बिठाने वाली भी जनता ही हैं।