
- कोरोना के बीच वायरल फीवर ने बढ़ाई लोगों की चिंता
- दूसरे राज्यों की तरह रहस्य्मयी बीमारी नहीं है: विश्वास सारंग
- जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सबसे ज्यादा प्रभावित
भोपाल/प्रियंक केशरवानी:- मध्यप्रदेश के कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी के बीच फैलते वायरल फीवर ने पैर पसारना शुरू कर दिया है और लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई जगहों पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज़ अस्पतालों में भर्ती हो रहे है. इन मरीजों में बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है. भोपाल में तो बीमारी होने वाले बच्चों की संख्या ही 355 से ज्यादा है और जबलपुर में मरीजों का आंकड़ा 500 के पार है. ग्वालियर में मरीजों की संख्या 40 से ज्यादा हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में वायरल फीवर बच्चों पर सीधा असर कर रहा है. निजी और सरकारी अस्पतालों में 355 से ज्यादा बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित है. यहां 50 से 60 बच्चे रोज वायरल फीवर का शिकार हो रहे हैं. इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ओपीडी की संख्या भी सरकारी-निजी अस्पतालों में 60% बढ़ा दी गई है. अस्पतालों में एक- एक बेड पर से दो से तीन बच्चों को भर्ती किया जा रहा है. करीब-करीब सभी अस्पताल भर चुके है।
तत्कालीन बिमारियों के कहर ने बढ़ाई स्वस्थ विभाग की चिंता
प्रदेश में डेंगू चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. शहर में डेंगू के अब तक 151, चिकनगुनिया के 47 मरीज सामने आए हैं. 9068 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है. मलेरिया विभाग और नगर निगम की टीमें घर घर-घर जाकर सर्वे कर लार्वा नष्ट कर रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इस बार औसत से कम बारिश के चलते नमी बढ़ गई है. यही वजह है कि लार्वा और संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं. स्वास्थ्य महकमा नगर निगम के साथ मिलकर जन जागरूकता फैला रहा है. जिले में लार्वा नष्ट करने का काम भी किया जा रहा है. गौरतलब है कि, गरीब परिजन मासूम बच्चों के लिए ब्लड और प्लेटलेट की व्यवस्था में जूझ रहे हैं. वायरल फीवर के चलते उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. दूसरी ओर, ग्वालियर में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है. यहां पिछले 24 घंटे में डेंगू के 10 नए मरीज मिले. जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 43 हो गई है. इनमें 15 बच्चे भी शामिल हैं।
विश्वास सारंग का बयान दूसरे राज्यों की तरह एमपी में रहस्य्मय बीमारी नहीं है
मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की तरह मध्य प्रदेश में बच्चों में किसी भी तरह का कोई रहस्यमयी बुखार नहीं है. सिर्फ वायरल फीवर के लक्षण बच्चों में है. किसी भी तरह से वायरल को लेकर पैनिक फैलाने की जरूरत नहीं है. अस्पतालों की व्यवस्था का लगातार जायजा ले रहे हैं. वायरल की चपेट में आ रहे बच्चों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल में बिस्तरों की संख्या और तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।