एक दिन का होगा विधानसभा सत्र, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव भी टला, भोपाल कलेक्टर ने जारी किए ये आदेश

भोपाल/आयुषी जैन कोरोना काल में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत कई विधायक-मंत्री शामिल हुए। इस बैठक में फ़ैसला लिया गया कि विधानसभा सत्र एक दिन का होगा। 

इसके साथ इस बार विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होंगे।जबकि विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव भी टाल दिए गए हैं।

कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए इस बार के विधानसभा सत्र में कई सदस्य और मंत्री सदन में नहीं दिखाई देंगे। कोरोना और उससे संबंधित गाइडलाइन के चलते वे इस बार सत्र का हिस्सा नहीं बन पाएंगे प्रोटोकॉल के अनुसार सिर्फ 108 विधायक ही सत्र में हिस्सा ले सकते हैं। 

प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने बताया कि सत्र में विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा। बजट पर चर्चा होगी और जिन विधायकों को बुलाया जाएगा वे ही सदन में उपस्थित रहेंगे, बाकी विधायक अपने घर से ऑनलाइन माध्यम से सत्र में देख सकेंगे।

कोरोना के संकट को देखते हुए सदस्यों का सत्र से पहले कोविड टेस्ट भी किया जाएगा। मालूम हो कि मुख्यमंत्री समेत 10 मंत्री और 28 विधायकों के कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। जबकि कई मंत्री, विधायक कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में सरकार भी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती हैं। 

इधर, सत्र को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने विधानसभा इलाके में 21 सितंबर से दो दिन के लिए धारा 144 लागू करने का आदेश जारी कर दिया। 74 बंगले से ऊपर वाली सड़क से लेकर रोशनपुरा चौराहे तक धारा-144 का प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होगा।

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