उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा : जय हिंद कहना या जन गण मन गाना ही नहीं है ‘‘राष्ट्रवाद’’

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा : जय हिंद कहना या जन गण मन गाना ही नहीं है 'राष्ट्रवाद'

नई दिल्ली/ शनिवार को कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जय श्रीराम का नारा लगाने को लेकर उत्पन्न विवादों के बीच देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान दिया है. नायडू ने कहा कि राष्ट्रवाद का मतलब केवल जय हिंद कहना, जनगणमन या वंदे मातरम गाना ही नहीं हो सकता. जय हिंद का मतलब हर भारती की जय हो है, यह तभी संभव है जब देश के अंदर रहने वाले सभी समुदायों व वर्गों की जरूरत का ध्यान रखा जाए, वेंकैया नायडू ने यह भी कहा कि राष्ट्रवाद का मतलब भौगोलिक सीमा नहीं है, राष्ट्र में सब कुछ है, सभी का कल्याण राष्ट्रवाद है. हमारी एक शानदार सभ्यता है जो एक दूसरे की देखभाल करने और समस्याओं को साझा करने के प्रतीक है. हमारे पूर्वजों ने हमें सीख दी है कि पूरा विश्व एक परिवार है, नायडू ने युवाओं से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की है.

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