
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – नगरीय निकाय चुनाव के लिए शासन ने महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। खास बात ये है कि भोपाल को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया हैं। जैसा की शुरु से ही कहा जा रहा था कि राजधानी भोपाल में अगला महापौर ओबीसी (OBC) वर्ग से होगा। संभावना यह भी कि यह पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो जाए।
भोपाल को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने के बाद इस बात की अटकलें तेज़ हो गई है कि कांग्रेस और भाजपा की और से कौन दावेदार होगा। हालांकि दोनों पार्टियों में ओबीसी महिला के लिए ऐसे चर्चित चेहरे हैं जो पहले भी महापौर रह चुके हैं। जहां भाजपा की और से गोविंदपुरा सीट से मौजूदा विधायक कृष्णा गौर है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की और से विभा पटेल का चेहरा सामने आया हैं।
ये दोनों पहले भी महापौर रह चुकी हैं। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या दोनों पार्टियां इन दोनों चेहरों के अलावा किसी और विकल्प पर विचार करेंगी या फिर मुकाबला इन्हीं के बीच होगा।
हालांकि महापौर पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस की विभा पटेल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान तय करेगा। उम्मीदवार जिसे टिकट मिलेगा उसके लिए हर कार्यकर्ता पूरे दम से लड़ेगा। जबकि भाजपा विधायक कृष्णा गौर ने इस सवाल पर कहा कि पार्टी अगर उन्हें दावेदार बनाने का फैसला लेगी तो आदेश को मानूंगी। पार्टी पहले ऐसे उम्मीदवार पर विचार करेगी जो सामान्य कार्यकर्ता हो। अगर बेहतर उम्मीदवार नहीं मिलेगा तब अन्य विकल्प पर विचार किया जाएगा।
बताते चले कि राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी भी पूरी है ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी में नगरीय निकाय चुनाव हो सकते हैं, यदि ऐसा होता है तो 15 दिसंबर के बाद कभी भी आचार संहिता लग सकती हैं।