
उमरिया :बांधवगढ़ Tiger Reserve में दो मादा बाघ शावकों की मौत, सुरक्षाकर्मियों की गश्त पर उठे सवाल ??
- शुक्रवार शाम एक की मौत हो चुकी थी दूसरा था घायल
- दोनों शावकों के शरीर पर मिले चोट के घातक निशान
- पिछले माह टेरिटोरियल फाइट में मादा बाघ की हो गई थी मौत
- पिछले सात माह में छह बाघ शावकों की हो चुकी है मौत
द लोकनीति डेस्क भोपाल
भारत में बाघों की संख्या को लेकर हमेशा सवाल उठे हैं ,जिसको लेकर भारत सरकार ने टाइगर रिज़र्व की योजना लाते हुए बाघों और वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा को लेकर कई हजारो करोड़ लगा दिए। हमारे देश में पर्यटन स्थलों और बाघों को देखने के लिए दूर दराज विदेशो से लोग आते है और भारत की अर्थव्यवस्था भी इसी आधार पर चलती है लेकिन आज हम बाघों की संख्या को लेकर हमेशा चिंता में रहते है और बहुत सारी विलुप्त प्रजाति को हम पहले ही खो चुके है। हमेशा बाघों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व फ़िर सुर्खियों में है। पिछले माह में जहां टेरिटोरियल फाइट में मादा बाघ की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ था अब दो माधा बाघ शावकों की मौत को लेकर रिज़र्व पार्क की सुरक्षा गश्त को लेकर फ़िर सवाल उठने लगे हैं।
ये है पूरा मामला……
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में दो नवजात मादा बाघ शावकों की मौत हो गई है। दोनों शावक एक सप्ताह के थे और उनकी अभी आंख भी नहीं खुली थीं। इन शावकों के जन्म की जानकारी भी प्रबंधन को इसलिए नहीं लग पाई थी क्योंकि अभी बाघिन इन शावकों को निकालकर सामने नहीं लाई थी। पार्क प्रबंधन ने बताया कि किसी बड़े बाघ के हमले में यह घटना हुई है। दोनों ही शावकों के शरीर पर चोट के घातक निशान मिले हैं।
शुक्रवार शाम मिला था घायल
दोनों शावक शुक्रवार शाम को गोहड़ी बीट के कक्ष 301 में पाए गए थे। इसमें से एक की मौत हो चुकी थी दूसरा घायल था। बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर विसेंट रहीम ने बताया कि दोनों शावकों को गश्त के दौरान देखा गया था। कर्मचारियों ने सूचना दी थी कि एक शावक की मौत हो गई है दूसरा घायल है। दूसरे घायल शावक पर रात भर नजर रखी गई, लेकिन सुबह तक उसकी भी मौत हो गई। शनिवार सुबह शवों का परीक्षण करने के बाद ताला में ही शवों को जला दिया गया।
सात महीनों में छह शावकों की मौत
बांधवगढ टाइगर रिजर्व में पिछले सात माह में छह बाघ शावकों की मौत हो चुकी है। मार्च से अभी तक इस तरह की यह तीसरी घटना है। दो घटनाओं में ही चार शावकों की मौत हो चुकी है जबकि दो अन्य घटनाओं में दो शावकों की मौत हुई थी।