परिवहन विभाग ने दिया निर्देश , लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस और आरटीओ से जुड़े अभी दस्तावेज़ों की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ी

मध्यप्रदेश/भोपाल(Bhopal) – : लॉकडाउन(Lockdown) के कारण क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालयों में काम काज प्रभावित होने के कारण परिवहन विभाग(Transport Department) ने शहर के 1 लाख से भी ज्यादा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस और आरटीओ(RTO) से जुड़े ऐसे दस्तावेज़ों की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी है जिन की अवधि 30 मार्च को समाप्त हो रही थी।

अब रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए – :

अब परिवहन विभाग ने आदेश जारी किया है कि सभी संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालयों को रिकॉर्ड अपडेट कर ले। दस्तावेज़ों की समय सीमा समाप्त होने के कारण  प्रदेश में लाखों की संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस अवैध हो गए थे और  ऐसी स्थिति में वाहन संचालन करने पर वाहन मालिक के खिलाफ यातायात पुलिस जुर्माना प्रकरण तैयार कर सकती थी।

अब संचालन भी चालू हो गया – :

प्रदेश में  लॉकडाउन अब धीरे-धीरे खुलने लगा है ऐसे में अब वाहनों का संचालन भी चालू हो गया है,इस कारण से परिवहन विभाग ने लोगों की सुविधा के अनुसार व्यवस्था में परिवर्तन कर 30 मार्च को समाप्त होने वाली समय सीमा को 30 सितंबर तक अब बढ़ा दिया है।

 अब डीलर करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन – :

परिवहन विभाग ने भोपाल, उज्जैन(Ujjain), इंदौर(Indore) को छोड़कर शेष सभी जिलों में वाहन डीलर को ही एक मुस्त दस्तावेज़ जमा कर विक्रय होने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा दी है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 सप्ताह में बिके हुए  कुल वाहनों की सभी जानकारियाँ और दस्तावेज़ कार्यालय में जमा कराने के बाद  बगैर वाहन मालिक और वाहन के आए ही रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

अभी भोपाल में  कार्यालय बंद – :

भोपाल क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय फिलहाल केवल 20% कर्मचारियों के साथ संचालित किया जा रहा है। शासन के अगले आदेश तक जनता से जुड़े कार्य यहा नहीं किए जा रहे हैं। कलेक्टर के आदेश के चलते सोशल डिस्टेंसिंग(Social distancing ) के नियमों का पालन करने और एवं परिसर में भीड़ भाड़ जमा नहीं होने देने के कारण से यह व्यवस्था बनाई गई है।

अब बस ऑपरेटरों को मिल सकती है छूट -:

प्राइवेट बस ऑपरेटरों की लगातार मांग के कारण परिवहन विभाग ने ऑपरेटरों को दो महीने की ट्रांसपोर्ट टैक्स में छूट देने के मुद्दे पर शासन चर्चा चालू कर दी है। अब कहा जा रहा कि  प्राइवेट बस ऑपरेटर एसोसिएशन 2 वर्ग में बट गया है। पहले ग्रुप के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने शासन से तीन महीने का ट्रांसपोर्ट टैक्स माफ करने की मांग की है जबकि आईएसबीटी बस ऑनर्स एसोसिएशन ने दिसंबर तक की छूट मांगी है।

शासन ने 30 मार्च को समाप्त हो रही दस्तावेज़ों की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। अब आम जनता  पुराने ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस के माध्यम से वाहन चला सकेंगे। प्राइवेट बस आपरेटरों के मामले में शासन गंभीरता से विचार कर रहा है।

संजय तिवारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

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