कोलार पीड़िता केस : लापरवाही आई सामने, टीआई और एसआई लाइन अटैच….

      कोलार पीड़िता केस : लापरवाही आई सामने, टीआई और एसआई लाइन अटैच….

भोपाल/राजेश्वरी शर्मा:   दिन प्रतिदिन बढ़ते क्राइम, हिंसा और दुष्कर्म के बाद आज फिर एक नया दुष्कर्म सामने आया है। बार बार होने वाले
अपराध कभी विवाद नही बनते. प्रशासन में हर कोई ऐसे मामलों को दबाने का निरंतर प्रयास करता है. 
ऐसे ना जाने कितने अपराध है जो आज तक सामने नहीं आए, और नाजाने कितने है जो इन्साफ की गुहार में फाइलों में बंद धूल खा रहे है…. 
शायद यही वजह है की अपराधो की धुल अब भवंडर का रूप लेने लगी है….  

जानकारी के मुताबिक करीब 1 माह पहले 16 जनवरी को रात करीब पौने आठ बजे एक बदमाश ने जेके अस्पताल की बाउंड्रीवॉल के पास टहल
रही छात्रा को धक्का देते हुए 7 फीट गहरे गड्ढे में गिरा दिया था। जिसके बाद पत्थर मारकर उसका पीछे से सर फोड़ दिया था। इस हादसे के
बाद आरोपी फरार हो गया। 

यह मामला करीब एक माह पहले का है पर बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच ठीक तरह से एक माह में नहीं की गई। इस घटनाक्रम को
अपने वरिष्ठ अधिकारियों से छुपा कर रखा गया। साथ ही पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद भी धाराएं नहीं बढ़ाई गई।  इन आरोपों के
चलते टीआई अरजरिया व एसआई श्वेता शर्मा को लाइन अटैच कर दिया।

एक माह से उचित कारवाही नही की जा रही थी. इन लापरवाहियों को देख पीडिता यह समझ चुकी थी की प्रशासन द्वारा यह मामला गंभीरता से
नही लिया जा रहा है, 

हादसे के करीब 1 माह बाद पीड़िता ने मामले में लापरवाही का आरोप लगाया था। पूरा मामला सामने आने के बाद प्रकरण
में दुष्कर्म के प्रयास व हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ाई गई। इसके पहले जब मेडिकल रिपोर्ट्स आई थी तब टीआई और एसआई ने मामले को ना
बढ़ाने के लक्ष्य से दुष्कर्म के प्रयास व हत्या के प्रयास की धाराएँ नही बढाई थी. 

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