इंदौर मे 3 साल के बच्चे ने निगला मैग्नेट, एंडोस्कोपी के बाद मौत

मध्यप्रदेश/इंदौर:  मध्यप्रदेश के इंदौर में एक 3 साल के बच्चे ने खेल-खेल में चुंबक निगल लिया जिसके बाद उसे 09 अगस्त को सुबह 8 बजे एंडोस्कोपी के लिए इंदौर के गुमास्ता नगर स्थित एक अस्पताल ले जाया गया. जहाँ पर एंडोस्कोपी के बाद बच्चे की मौत हो गई. परिजन ने हॉस्पिटल वालों पर एनेस्थीसिया के ओवरडोज का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और चंदननगर थाने में अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज़ करवाई है. इसके बाद पुलिस अस्पताल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया.

कबीर के पिता सुनील तिवारी ने बताया, 29 जुलाई को बेटे ने चुंबक निगल लिया था तो बच्चे को लेकर तत्काल अरिहंत हॉस्पिटल पहुंचे जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि चुंबक बच्चे के गले में फंसा हुआ है लेकिन उस दिन बच्चे को सर्दी होने से डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी नहीं की और 9 अगस्त को एंडोस्कोपी से चुंबक निकालने का कहा गया था।

बच्चे के पिता ने कहा ये भी बताया कि डॉ. मयंक जैन और मैडम से बात की थी। वे मौत का कारण नहीं बता सके। मेरे बेटे की जान एनेस्थीसिया के ओवरडोज से गई है। डॉक्टर अपनी गलती नहीं मान रहे हैं। डॉक्टर कह रहे हैं कि बच्चे की हार्ट बीट अचानक रुक गई थी। वेंटिलेटर में रखा, लेकिन रिकवरी नहीं हुई।

बच्चे की मौत का कारण अभी सामने नहीं आया हैं अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही बच्चे की मौत का सही कारण मालूम पड़ेगा।

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