परेशानी में परछाई भी छोड़ देती है साथ, पर फिल्म "विवाह" जैसा अटूट प्यार शायद ही देखने को मिले, पर हकीकत में इस दूल्हे ने इस हाल में दुल्हन को अपनाया 

परेशानी में परछाई भी छोड़ देती है साथ, पर फिल्म “विवाह” जैसा अटूट प्यार शायद ही देखने को मिले, पर हकीकत में इस दूल्हे ने इस हाल में दुल्हन को अपनाया 

द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव 
कहते हैं कि मुसीबत में परछाई भी साथ छोड़ देती है. पर इस दूल्हे ने इस बड़ी परेशानी आ जानें के बाद भी जिससे समाज ने रिश्ता जोड़ा उसका साथ नहीं छोड़ा. 
यूपी के प्रयागराज में फिल्म विवाह जैसा हकीकत दृश्य देखने को मिला.
प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके में रहने वाली आरती की शादी की तैयारियां पूरी हो गई थीं और 8 दिसम्बर की शाम को बारात आने वाली थी लेकिन दोपहर में छत पर खेल रहे अपने तीन साल के भतीजे को बचाने के चक्कर में आरती छत से नीचे आ गिरी. हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और दोनों पैरों की ताकत चली गई. घर वालों ने उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया… 
 घर वालों को चिंता थी कि इलाज  होने के बाद भी पैर की ताकत वापस नहीं आ सकती है. उसके बाद दुल्हन की बहन से अवधेश की शादी कराने की बात हुई.. पर अवधेश ने आरती को ही अपनी जीवनसंगिनी मान लिया था. 
 और फिर अवधेश ने आरती के साथ शादी रचाई.. और जीवन भर उसका साथ निभाने का वादा किया.. आरती और अवधेश दोनों साथ में बहुत खुश हैं.
 ये रियल लाइफ के हीरो बन गए हैं. इन दोनों के इस फैसले से हर कोई इनकी जमकर तारीफ कर रहा है.

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