
इन दोनों सोशल मीडिया पर एक किताब के पन्नो की फोटो वायरल हो रही है। वायरल फोटो में ऐसा दावा किया गया है कि कुछ दवाइयों के माध्यम से कोरोना से बचा जा सकता है ऐसा किताब में लिखा है। किताब में कोरोना वायरस के उपचार के लिए कुछ दवाइयों जैसे एस्प्रिन, एंटीहिस्टेमीन को लाभप्रद बताया गया है।
आपको बता दें यह जानकारी गलत है। रिपोर्ट्स की माने तो इस किताब में जिस कोरोना वायरस की बात कही गई है, वो एक फैमिली का नाम है जिसके अंदर कई वायरस आते हैं। अभी फैल रहे वायरस का नाम नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) है जो कोरोना वायरस फैमिली का ही हिस्सा है। अभी तक नोवल कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं बनी है।
किताब में जिन दवाइयों का जिक्र किया गया है, वो साधारण जुकाम के लिए लाभप्रद हो सकता है, लेकिन अभी तक इस बात का प्रमाण नहीं है कि इससे नोवल कोरोना वायरस को भी ठीक किया जा सकता है। साइंस मीडिया सेंटर की एक रिपोर्ट के मुतबिक COVID-19 से पहले कोरोना वायरस फैमिली में छह वायरस थे जो साधारण खांसी-जुकाम होने का कारण होते हैं. ये वायरस जानवरों में भी बीमारी फैला सकते हैं।