मप्र विधानसभा अध्यक्ष पद ना मिलने से नाराज़ इस BJP MLA ने ठोकी मंत्री पद की दावेदारी, कहा मुझे मंत्रिमंडल में जगह मिलनी ही चाहिए

मध्यप्रदेश/भोपाल – भाजपा विधायक गिरीश गौतम विधानसभा अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिए गए। इस दौड़ में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला और सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ल भी थे। इनमें से राजेंद्र शुक्ला खुद गिरीश गौतम के नामांकन में शामिल हुए, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ना बनाए जाने को लेकर केदारनाथ की नाराजगी सामने आ रही हैं। 

मप्र विधानसभा का अध्यक्ष पद न दिए जाने से निराश और नाराज़ वरिष्ठ बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला ने अब मंत्री पद के लिए दावेदारी ठोक दी हैं। उन्होंने कहा-मुझे मंत्रिमंडल में जगह मिलनी ही चाहिए। क्योंकि विंध्य को अभी भी पर्याप्त महत्त्व नहीं मिला हैं। उनका कहना है संगठन और सरकार की मुझसे नाराजगी हो सकती है, जो कभी उजागर नहीं होती। अभी भी विंध्य को पर्याप्त महत्त्व और प्रतिनिधित्व नहीं मिला हैं। मैं संगठन और सरकार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा इसलिए उन्होंने मुझे स्पीकर नहीं बनाया। 

उन्होंने मंत्री पद के लिए दावा इसलिए ठोका है क्योंकि वे चार बार से विंध्य से विधायक चुने जाकर विधानसभा पहुंच रहे हैं। हर बार उन्हें उम्मीद रहती है कि सरकार में उन्हें मंत्री बनाया जाए लेकिन पार्टी ने उनकी वरिष्ठता दरकिनार कर अब तक उन्हें मौका नहीं दिया। शुक्ला का कहना है विंध्य क्षेत्र से मंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार होना चाहिए। 

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