
मध्यप्रदेश/सीहोर : सोमवार को सीहोर में सीएम शिवराज सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान कई बड़े फ़ैसले लिए गए।
यहां पढ़ें विस्तार से
- प्रदेश में तीसरी लहर का सामना करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जा रही है तथा व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए गतिविधियां जारी हैं।
- तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। अत: बाल रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने, पैरा मेडिकल स्टाफ को बच्चों के इलाज, टीकाकरण व अन्य प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही हैं।
- बच्चों के लिए आई.सी.यू वार्ड, ऑक्सीजन बैड्स आदि बढ़ाने, पर्याप्त उपकरण, दवाओं तथा उपचार सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों में कार्य जारी हैं।
- कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने, उसके प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए पुख्ता रणनीति पर काम करना होगा।
- वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए अनुमान है कि अगले तीन या चार माह में तीसरी लहर आने की आशंका है।
- अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था, बैड बढ़ाने, आईसीयू वार्ड निर्माण, पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं।
- अनलॉक के परिणामस्वरूप गतिविधियों के बढ़ने और सावधानी का पालन नहीं करने से तीसरी लहर की संभावना बढ़ेगी। हमें जागरूक तथा लगातार सतर्क रहना होगा। इसमें क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की महत्वूपर्ण भूमिका है।
- जहां एक या दो घरों में संक्रमण है वहां माइक्रो कंटेनमेंट एरिया बनाकर संक्रमण को वहीं समाप्त किया जाए।
- सभी मंत्रीगण, सांसद, विधायक, क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य, कोरोना वॉलेंटियर, जन अभियान परिषद और आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित सारा मैदानी अमला मिलकर टीकाकरण के लिए वातावरण बनाएं, इसे अभियान का रूप दें।
- कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सभी जिलों में टैस्ट जारी रहेंगे। प्रतिदिन 75 हजार से अधिक टैस्ट सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि किसी भी कोने में यदि कोई पॉजिटिव प्रकरण है, तो उसकी तत्काल पहचान की जा सके।
- जुलाई के प्रथम सप्ताह में 1 से 3 जुलाई के मध्य वैक्सीनेशन के लिए त्रि-दिवसीय महा अभियान प्रारंभ किया जाएगा।
- प्रदेश में नए उप, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और सी.एम. राइज स्कूल (CM RISE SCHOOL) स्थापित किए जाने है। ये केन्द्र बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करेंगे और विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराएंगे।
- स्वास्थ्य केन्द्रों और स्कूलों की स्थापना में मानवीय दृष्टिकोण से काम लिया जाए। जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधआों और शालाओं की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर केन्द्र स्थापित किए जाएं। सी.एम. राइज स्कूल में नई शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को लागू किया जाएगा।
- गरीब, किसान, माताओं, बहनों, बच्चों के कल्याण की योजनाओं पर भी सुझाव आमंत्रित हैं। प्रदेश में विकास गतिविधियां और जन कल्याण के कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
- इनके लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था करना होगी। आय के अन्य स्रोतों और वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में विचार करना होगा। गरीबों के कल्याण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विचार करना होगा।