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देशभर में सबसे महंगी शराब "MP" में, इसलिए बढ़ी अवैध शराब की खपत, अब डिस्टलरी ने सरकार को भेजा ये प्रस्ताव, होगा मुनाफा 

भोपाल : मध्यप्रदेश की तुलना में दूसरे राज्यों में शराब काफी सस्ती है। प्रदेश में सरकार दूसरे राज्यों की तुलना में 12 स्लैब में 400 गुना ज्यादा एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। इसकी वजह वहां एक्साइज ड्यूटी और शराब दुकान ठेकेदारों का मुनाफा दोनाें कम होना है। 

इसी तरह शराब ठेकेदारों को 40 प्रतिशत मुनाफा मिलता है, जबकि दूसरे राज्यों में 10 से 20 फीसदी मुनाफे की मंजूरी रहती है। वहीं, अवैध शराब की बिक्री लगातार बढ़ने और जहरीली मौतों के सामने आने की बड़ी वजह देशभर में सबसे महंगी शराब मध्यप्रदेश में बिकना सामने आया है।

अगर सरकार शराब ठेकेदारों का मुनाफा 20 फीसदी घटा दे और एक्साइज ड्यूटी में रियायत दे तो शराब काफी सस्ती हो जाएगी।

इधर, प्रदेश की एक बड़ी डिस्टलरी ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें वह 100 रुपए कम कीमत में देसी शराब की पेटी उपलब्ध कराने को तैयार हो गई है। डिस्टलरी ने सरकार को सुझाव दिया है कि देशी शराब नीति में बदलाव किया जाए। नए प्रस्ताव पर शासन को 220 करोड़ रुपए सीधे मिल जाएंगे। वहीं शराब दुकानों के टेंडर होने पर 440 करोड़ रुपए का मुनाफा ज्यादा मिलेगा।

ऐसा है प्रस्ताव 

डिस्टलरी में उत्पादन के लिए 3 करोड़ प्रूफ लीटर क्षमता की सप्लाय का नियम है। इसमें 54 लाख पेटी देशी शराब बनाई जा सकती है। डिस्टलरी में 50 फीसदी उत्पादन की क्षमता बढ़ाई जाए। अभी वह 30 लाख पेटी का उत्पादन करती है। यदि प्रदेश के कुल उत्पादन की 25 फीसदी सप्लाई उसे दे दी जाएगी तो वह प्रति पेटी 100 रुपए कम कीमत में शराब देगी।

गौरतलब है कि शराब बिक्री पर मोनोपॉली पेटर्न के चलते दूसरे प्रदेशों से देसी शराब की कीमत लगभग दोगुनी होने से गरीब व मजदूर तबके की पहुंच से बाहर हो चुकी है। मजबूरन यह तबका अवैध रूप से आ रही शराब खरीदकर पी रहा है। जबकि, बीते दस महीने में जहरीली शराब पीने से 60 लोग मारे जा चुके है, लेकिन सरकार अवैध शराब की बिक्री रोकने पर अभी तक कोई ठोस कारगर कदम नहीं उठा पाई है। 

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