कल पहुंचेगा दिवंगत अतिथिविद्वान का अस्थिकलश भोपाल

भोपाल / गरिमा श्रीवास्तव :- कल यानि रविवार को दिवंगत अतिथिविद्वान का अस्थिकलश भोपाल पहुंचेगा। बता दें कि अतिथिविद्वानो के नियमितीकरण को लेकर सरकार बीते 69 दिनों से टालमटोल कर रही है जिसके कारण अतिथिविद्वानो के पास आत्मदाह के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्षमोर्चा  के संयोजक डा. देवराज सिंह ने कहा कि अतिथिविद्वान एक अजगर स्वरुप है जो आये दिन एक एक क्र के अतिथिविद्वानों को निगलता जा रहा है। नियमितीकरण न होने से परेशान अतिथिविद्वान आत्मदाह कर रहे हैं। न ही कोई अवकाश मिलता है न ही कोई भत्ता। ओवर एज हो चुके अतिथिविद्वानों के पास आत्महत्या करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। सरकार पने किए सभी वदो से मुकर  गई है।

देवराज सिंह ने जानकारी दी कि रविवार को दिवंगत अतिथिविद्वान संजय कुमार के परिजन अस्थिकलश लेकर भोपाल आएंगे।
परिजनों के आ जाने के बाद शाहजहानी पार्क में आत्मा को शांति के श्रद्धांजलि सभा रखी जाएगी।

शाहजहानी पार्क में बीते 69 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है पर सरकार का कोई भी ध्यान इनकी तरफ नहीं है। कमलनाथ ने निरंतर चुप्पी बांध रखी है। अतिथिविद्वानों ने बताया कि हम कड़ाके की ठंड को बदन पर सहते हुए प्रद्र्षसँ क्र रहे है पर प्रदेश के किसी भी मंत्री का ध्यान हम पर नहीं है।
मोर्चा के संयोजक डा.सुरजीत भदौरिया ने कहा कि पूर्व में फालेन आउट करके नौकरी से निकाल देने के वजह से कई अतिथि विद्वानों ने अपनी जान गँवा दी।
कुछ हार्ट अटैक से मरे तो कईयों के मौत की वजह कोई और थी पर कारण था नियमितीकरण नहीं होना। कई अतिथिविद्वान् तो घातक बीमारी के चपेट में आ गए हैं।

सरकार कब तक अतिथिविद्वानों के साथ अन्याय करेगी? उम्र के इस पड़ाव पर उनका गुज़ारा कैसे होगा ? क्या कमलनाथ सरकार इतनी संवेदनहीन हो गई है जिसे अतिथिविद्वानों का दर्द नहीं दिखाई दे रहा है?

 

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