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अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित नहीं, अब होने लगे प्राणघातक हमलें

अतिथि विद्वान अनिश्चित भविष्य और आर्थिक तंगी से परेशान

दतिया : महाविद्यालयीन अतिथि विद्वान महासंघ ने एक बार फिर कड़ा एतराज़ जताते हुए कहा की लगातार महिला अतिथि विद्वानों के साथ कई प्राचार्य बदसलूकी कर रहे हैं जिसकी शिकायत कमिश्नर उच्च शिक्षा भोपाल से की गई है। अभी हाल ही में डॉ रिपुदमन सिंह यादव शासकीय पीजी कॉलेज दतिया पर उसी कॉलेज के एक छात्र ने प्राणघातक हमला किया है जिस पर उक्त अतिथि विद्वान जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। जिसकी एफआईआर नजदीकि थाने में करवा दी गई है। इन सभी घटनाओं से अतिथि विद्वानों में काफ़ी रोष है। ऐसी ही घटनाएं लगातार हो रही है। लेकिन सरकार अतिथि विद्वानों की भविष्य सुरक्षित करने वाली मांग पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह ने बताया की अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर ही सरकार सत्ता में आई है लेकिन अभी तक उस तरफ एक भी कदम नहीं उठाई है। ये दतिया की हाल ही की घटना से अतिथि विद्वानों में काफ़ी रोष है और महासंघ सरकार से और गृह मंत्री से मांग करता है की दोषी के ऊपर कठोर कार्यवाही की जाए। गृह मंत्री के जिले की घटना है ये।

अतिथि विद्वान महासंघ के मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय ने कहा की अतिथि विद्वानों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, सरकार भविष्य सुरक्षित क्यों नहीं कर रही है समझ से परे हैं। अब तो अतिथि विद्वानों पर प्राणघातक हमले भी किया जा रहा है। सरकार से आग्रह है की ऐसा कृत्य करने वाले लोगों पर कठोर कार्यवाही किया जाए।साथी ही सरकार अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित कर वादा पूरा करें।

वहीं, पीड़ित अतिथि विद्वान डॉ रिपुदमन सिंह ने कहा की हम सभी अतिथि विद्वान बैठे थे, ऑफिस में सरकारी काम कर रहे थे, दीपांशु गुर्जर नाम का छात्र आया और आते ही गाली गलौच करने लगा, फिर मारपीट किया जिससे कई अतिथि विद्वानों के गंभीर चोट आई है। आज अतिथि विद्वानों की यही दुर्दशा हो रही है हर जगह, सरकार निरंकुश बनी हुई है, अगर सरकार नियमित कर दे एक सम्मान दे अतिथि विद्वानों को तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।

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