कनिका कपूर की हरकतो से परेशान हो रहा पूरा अस्पताल

कनिका कपूर की हरकतो से परेशान हो रहा पूरा अस्पताल

कनिका कपूर ने कोरोना पॉज़ीटिव आने के बाद एक न्यूज़ वेबसाइट से बातचीत में आरोप लगाया था कि पीजीआई (लखनऊ के जिस अस्पताल में कनिका कपूर का इलाज चल रहा है) में उनसे एक अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उनका कहना था कि जिस कमरे में उन्हें रखा गया है उसमें गंदगी है और मच्छर आते हैं. कनिका का आरोप था कि जब डॉक्टरों से उसे साफ़ कराने के लिए कहा जाता है तो उनका जवाब होता है कि यह अस्पताल है, फ़ाइव स्टार होटल नहीं. अब ये माना जा रहा है कि इसी वजह से पीजीआई को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है. पीजीआई के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कनिका को विशेष सुविधाएं देने के लिए कई 'बड़े' लोग भी अस्पताल और डॉक्टरों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं. कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर कनिका कपूर को शुक्रवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में दाख़िल कराया गया था लेकिन एक दिन बाद ही स्थिति ऐसी हो गई कि अस्पताल को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके उनसे सहयोग की अपील की गई है. एसजीपीजीआई अस्पताल की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि कनिका को यहां हर संभव सुविधाएं दी जा रही हैं, बावजूद इसके वो एक मरीज़ की तरह नहीं बल्कि एक स्टार की तरह व्यवहार कर रही हैं. पीजीआई का कहना है कि हमने अस्पताल में उन्हें सबसे अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई है, उन्हें एअरकंडीशन रूम दिया गया है जिसमें अटैच टॉयलेट है. साफ़-सफ़ाई का हर समय ध्यान रखा जा रहा है. कमरे में टीवी भी लगा है.” प्रोफ़ेसर धीमान कहते हैं, “पहले उन्होंने कहा कि मैं घर का खाना खाऊंगी लेकिन यह इस इलाज में संभव नहीं था. उनकी मांग पर यहां उन्हें ग्लूटन फ़्री फ़ूड दिया जा रहा है जो किचन में अलग से तैयार किया जाता है. उनकी आगे भी इसी तरह देखभाल की जाएगी लेकिन उन्हें भी यह सोचना चाहिए कि अस्पताल में वो एक मरीज हैं, स्टार नहीं.”

 

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