
नई दिल्ली। Supreme Court ने असम सरकार से NRC से लगभग 2 हज़ार ट्रांसजेंडर लोगों को बाहर रखने पर जवाव मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह जवाब जस्टिस स्वाति बिधान बरुआ की PIL को मद्देनजर रखते हुए मांगा है. पीठ में CJI बोबडे, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्य कांत शामिल थे. जिन्होंने इस मामले पर असम सरकार को नोटिस भेजा है.
गौरतलब है कि NRC के आखिरी मसौदे से ट्रांसजेंडर वर्ग के करीब 2 हज़ार लोगों को बाहर रखा गया है. स्वाति बिधान बरुआ असम राज्य के पहले ट्रांसजेंडर जज है.