
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और मोतीलाल वोरा के निधन के बाद गांधी परिवार के सबसे विश्वसनीय नेता के तौर पर सिर्फ एक नाम पार्टी के सामने है वो है कमलनाथ। कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी कमलनाथ को कोषाध्यक्ष बनाने का फैसला ले सकती हैं। कमलनाथ के पास अहमद पटेल और मोतीलाल वोरा की तरह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ काम करने का अनुभव हैं।
इसी बीच AICC ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए दिल्ली में 3 जनवरी को कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक बुलाई हैं। इस बैठक में कमलनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में अगले एक महीने में पार्टी के अध्यक्ष सहित कार्यसमिति के 12 सदस्यों के चुनाव कराने पर फैसला होना हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की मौजूदगी में इसी बैठक में कमलनाथ की भूमिका भी तय हो जायेगी कि वो मध्यप्रदेश में ही रहेंगे या दिल्ली वापस लौट जायेंगे।
गौरतलब है की पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के निधन के बाद सबसे विश्वसनीय नेता के तौर पर कमलनाथ का नाम आना, राजनीति से दूर घर पर बैठकर आराम करने की इच्छा जताना, फिर ये कहकर सियासी हवा को तेज कर देना कि मध्यप्रदेश से हिलूंगा भी नहीं, कमलनाथ को लगातार मीडिया और सियासतदानों के लिए सुर्खी बनाये हुए हैं।
कांग्रेस हाई कमान कमलनाथ को मध्यप्रदेश में कौन सी भूमिका निभाने के लिए कहेगा या फिर पूर्णकालिक तौर पर दिल्ली बुला लेगा ये फैसला अभी होना है लेकिन कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ अपने पास अध्यक्ष पद रखना चाहते हैं। वे पूरे प्रदेश में अपना वर्चस्व बनाये रखना चाहते हैं। और इसकी जानकारी वे सोनिया गांधी को पिछली मुलाकात में दे चुके हैं। अब फैसला सोनिया गांधी के हाथ में हैं।