सभी खबरें

सिहोरा : सिहोरा अध्यक्ष पद सामान्य मुक्त, टिकट के लिए दावेदार हुए सक्रिय

सिहोरा : सिहोरा अध्यक्ष पद सामान्य मुक्त, टिकट के लिए दावेदार हुए सक्रिय

  •   भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों की लंबी लिस्ट
  • आरक्षण पूरा होते ही भोपाल में बड़े नेताओं से टिकट के लिए जोर आजमाइश हुई शुरू
  • क्या युवाओ को मिलेगा दोनों बड़ी पार्टियों से मौका ,या पकड़ेगी रहेंगे झंडे ??

द लोकनीति डेस्क सिहोरा 
नगरीय निकाय चुनाव के लिए सिहोरा नगर पालिका अध्यक्ष पद का आरक्षण सामान्य मुक्त हो गया है। आरक्षण की प्रकिया पूरी होते ही टिकट की दावेदारी के लिए दावेदार सक्रिय हो गए है। दोनों पार्टियों के पुराने नेता और युवाओ में टिकट के लिए अब जोर आजमाइश शुरू हो गई है। वैसे देखा जाए तो सिहोरा नगर पालिका क्षेत्र में आरक्षण के पहले ही टिकट के दावेदारों की लिस्ट लम्बी थी लेकिन दावेदार आरक्षण किस वर्ग के लिए हो रहा है इसका इन्तजार कर रहे थे। मतलब आरक्षण की जानकारी जैसे ही भोपाल से लगी वैसे ही सभी वर्ग के दावेदारों की लॉटरी खुल गई। अध्यक्ष का पद सामान्य मुक्त होने से किसी भी वर्ग से महिला व पुरुष चुनाव लड़ सकते हैं।
पिछले बार महिला पिछड़ा, अब सामान्य मुक्त 
 नगरीय निकाय चुनाव में पिछले बार सिहोरा नगर पालिका अध्यक्ष पिछड़ा थी लेकिन अब सामान्य मुक्त होने के बाद दावेदारों की संख्या का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। आरक्षण की जानकारी लगते ही टिकिट के दावेदारों के समर्थकों ने फेसबुक में समर्थन जुटाना भी शुरू कर दिया। अब देखना रोचक होगा कि कौन दावेदार टिकट पाने में सफल हो पाता है। टिकिट की चाह रखने वालों ने अपने नेताओं के यहां सपर्क करना भी शुरू कर दिया है।  
सामान्य वर्ग के सबसे ज्यादा दावेदार 
नगर पालिका सिहोरा की बात करें तो इस निकाय में हमेशा से सामान्य वर्ग का वर्चस्व रहा है। विधानसभा, मंडी, जनपद  के आरक्षण के बाद दोनांें ही पार्टिंयों कांग्रेस और भाजपा के सामान्य वर्ग के दावेदार मायूस थे। नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद सामान्य मुक्त होने के बाद कांग्रेस और भाजपा से सबसे ज्यादा सामान्य वर्ग के दावेदार होंगे।
बात सिहोरा की करें तो विकास के नाम पर नेताओ ने सिहोरा की जनता से किया है मजाक 


 बात सिहोरा की करें तो यहाँ बीजेपी से उम्मीदवार की लम्बी लिस्ट है और कांग्रेस में भी भारी घमासान है। सामान्य मुक्त आरक्षण होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों को टिकट वितरण में काफ़ी मुश्किल होने वाली है। पुराने नेताओं को भी पार्टियों को देखना होगा और नए युवा चेहरे भी मौके की तलाश में लगे हुए है। हालाँकि महीने भर पहले बीजेपी आलाकमान ने नगरीय निकाय चुनाव को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी। पार्टी इस बार के नगरीय निकाय के चुनाव में युवाओ को मौका देगी। देखना यह होगा कि यदि बीजेपी अपने युवाओ उम्मीदवार को उतारती है तो फिर क्या विपक्ष कांग्रेस पार्टी जो पहले ही उपचुनाव की हार से उभर नहीं पायी वह अपनी युवा ब्रिगेड को दौड़ा सकती है या नहीं। 

टिकट वितरण में देखने को मिलेगा भारी घमासान 
नगर पालिका अध्यक्ष पद के आरक्षण के बाद टिकट की दावेदारी के लिए दावेदारो ने अपने नेताओ से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया है सूत्रों की माने तो कांग्रेस और भाजपा से टिकट के कई दावेदारों ने कार और ट्रैन से अपना रिजर्वेशन भोपाल और दिल्ली के लिए करवा लिया है। फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से टिकट के लिए शहर में अपने पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया है ताकि भोपाल और दिल्ली के नेताओ को यह बताया जा सके कि पब्लिक में नेताजी की डिमांड सबसे ज्यादा है।  
 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button