सिहोरा : रसायनिक पानी छोड़ने से खरीफ की सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद, प्रशासन की चुप्पी! 

  सिहोरा : रसायनिक पानी छोड़ने से खरीफ की सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद, प्रशासन की चुप्पी! 

द लोकनीति डेस्क सिहोरा 
 गांधीग्राम (बुढ़ागर) के रामपुर टोला हल्का गांधीग्राम के खेतों में, खान मालिकों द्वारा बेतहाशा मैला रासायनिक पानी छोड़ने से खरीफ की फसलें बर्बाद हो रही। रामपुर टोला के कृषकों ने बताया कि, स्थानीय मे. खंपरिया माइनेंस एंड मिनरल्स एवं में. जाखोदिया माइंस एंड मिनरल्स धमकी एवं गांधीग्राम स्थित खदानों के द्वारा लगातार गांधीग्राम स्थित बुढानसागर (व्यौहार सरोवर) तालाब में पानी छोड़ने से सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई है। उक्त पानी के भरने से कई किसानों के बीज सड़ गए फसलें डूब गई है । जिनके कारण गेहूं के पौधे पीले पड़कर सूख रहे हैं।


खदान मालिकों के मैनेजमेंट से चलती है पटवारी कोटवार की सेटिंग
  खदानों से रात में आठ से 10 हॉर्स पावर की मशीनों से इतना पानी छोड़ा जा रहा है कि, सैकड़ों एकड़ फसलें 2 से 3 फुट पानी में डूब कर बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय हल्का पटवारी और आरआई  कभी नहीं जाते फील्ड में  हफ्ते में एक आथ-दो दिन ही मुख्यालय में आते हैं पटवारी। खदान मालिकों के मैनेजमेंट से चलती है पटवारी कोटवार की सेटिंग, नहीं सुनी जाती किसानों की आवाज। हर खदान मालिक ने हर गांव में 2-3 बदमाश गुंडा टाइप के लोगों को अपना एजेंट बना रखा है ! जो लोकल गांव वालों और किसानों को शिकायत करने पर डराते धमकाते हैं।


  181 पर शिकायत करने में भी नहीं होती कार्रवाई 
शिकायतों को लीप-पोत कर बराबर कर देते हैं प्रशासन के लोग। राजस्व अमला माइनिंग अमला के साथ-साथ जिले में प्रदूषण बोर्ड भी है मगर कार्रवाई कोई नहीं करता। ग्राम के किसानों विमला प्रभु राम केवट किरण घनश्याम केवट रवि करण मिश्रा दस्सी नरेश केवट हरछठ रामसेवक केवट आदि ने शासन प्रशासन से फसलों को हुए नुकसान से मुआवजा दिलाने के साथ-साथ खदान मालिकों के ऊपर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। 

 इनका कहना है
  जिओ मिन फैक्टरी प्रशासन के द्वारा भी गोसलपुर क्षेत्र के  धरमपुरा, मुस्कुरा, मुस्कुरी, शाहगढ़, घुघरी नवीन आदि क्षेत्रों में नहर का गंदा पानी छोड़ा गया है, जिसके लिए जिओ मिन माइंस एंड मिनरल्स प्रशासन को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं।
 विष्णु आमूले, उपयंत्री ,नर्मदा घाटी विकास परियोजना बरगी दांयी तट नहर सिहोरा

Exit mobile version