सिहोरा  : विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे किसान, फसलों को समय पर नहीं मिल पाएगा पानी 

सिहोरा  : विभागीय अधिकारियों का लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे किसान, फसलों को समय पर नहीं मिल पाएगा पानी 

द लोकनीति डेस्क सिहोरा 
सरकार ने नहरों का जाल इसलिए बिछाया था, ताकि किसानों  के एक एक खेत तक पानी पहुंच सके। बंजर भूमि को किसान उपजाऊ बनाकर इससे फसलों का अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सके, परंतु संबंधित विभाग के जवाबदार अधिकारियों की सिहोरा विधानसभा के अंतर्गत गोसलपुर क्षेत्र के आसपास से गुजरी नहरे दुर्दशा के आंसू बहा रही है।  विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते सरकार की  दूरगामी सोच के सार्थक परिणाम देखने को नही मिले। गोसलपुर क्षेत्र की किसी भी नहर में नजर डाली जाए तो नहरें टूटी-फूटी अवस्था में पड़ी हैं। नहरों में बड़ी बड़ी झाड़ियां जम चुकी हैं , मिट्टी की सिल्ट से नहर अटी पड़ी हैं और इन्हीं क्षतिग्रस्त नहरों पर विभाग द्वारा रवि व खरीफ के सीजन में पानी छोड़ा जाता है । जिससे स्थिति यह बनती है की जगह-जगह फूटी नहरों के कारण किसानों के खेतों में अधिक मात्रा में पानी भर जाता है। जिससे क्षेत्र से लगातार किसानों की फसलें सडने की खबरें निरंतर आती रहती है।


 नहर बने  दस  साल गुजरे, कच्ची नालीनुमा आकार में सिमटी  
  क्षेत्र के कृषक दिलीप साहू, घनश्याम पटेल, संतोष उपाध्याय, मुकेश तिवारी, कृपाल पटेल, गनपतसिंह सेंगर, जगन्नाथ पटेल ने बताया रिठौरी माइनर से रिठौरी सब माइनर नहर जो पोडी गाँव से प्रारंभ होकर रिठौरी गांव में समाप्त होती है, इसके अंतर्गत आने वाले पौड़ी, निंदौरा, सिलुवा, घुटना, भदम, सिमरिया, मानगांव, खजरी, आलगोडा, रिठौरी के लगभग एक सैकड़ा किसानों की हजारों एकड़ भूमि को सिंचित करने के लिए बनाई गई नहर दस वर्ष गुजर जाने के बावजूद भी कच्ची नालीनुमा आकार में सिमट गई।  इस नहर का सीमेंटकरण नहीं किया गया।  जिससे किसान बेहद परेशान है एवं आक्रोशित है। 
माइनर व सब माइनर नहरो की स्थिति की बात तो छोड़ो बरगी दांयीतट मुख्य नहर पौडी और अतरिया गांव के बीचो बीच जगह.जगह मुख्य केनाल की सीमेंट की प्लेटें टूट चुकी है परंतु विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 


आधे किसान बिना पानी के रह जाएंगे,  रम्मत कराने की भ्रामक जानकारी दे रहे 
गोसलपुर क्षेत्र में बनी धोराकोनी धरमपुरा माइनर रिठौरी माइनर खजरी माइनर मुख्य केनाल कनेक्टिंग कैनालों की स्थिति वर्तमान समय पर बहुत ही दयनीय है इस ओर न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ना ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ध्यान दे रहे है।  वही दूसरी ओर विभाग के अधिकारी इस बार अनुरक्षण राशि न मिलने का बहाना बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनरेगा योजना के तहत नहरों की मरम्मत कराने की भ्रामक जानकारी दे रहे है अभी कुछ ही समय बाद किसानों को गेहूं की सिंचाई हेतु पानी की जरूरत पड़ेगी और फिर इसी जर्जर नहरों में पानी छोड़ा जावेगा, जिससे आधे किसानों को पानी मिलेगा।  आधे किसान बिना पानी के रह जाएंगे और नहर के पानी को लेकर किसानों के बीच जद्दोजहद व सिरफुटऊल की घटना भी सामने आएंगी
इनका कहना है
लगभग 5 करोड की राशि से सब माइनर नहरों की मरम्मत के टेंडर हो चुके हैं,  एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा
 बीपी पटेल,  एसडीओ नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 4 सिहोरा

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