सिहोरा : गोरहा गांव में पेयजल का संकट, पांच साल से बंद पड़ी नल जल योजना ठप

मध्यप्रदेश/सिहोरा (Sihora) – : जनपद पंचायत मझौली(Majhauli ) की ग्राम पंचायत मुख्यालय गौरहा(Gorha) में गर्मी की दस्तक के साथ-साथ  पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम में पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पांच साल पहले बनी नल जल योजना ठप्प पड़ी है। गांव में लगी दो दर्जन हैंडपंपों में से आधे बंद रहने के कारण से ग्रामवासी दूर के जल स्रोतों से पीने के पानी को लाने के  लिए मजबूर हैं।अब  ग्राम वासियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के निवर्तमान सरपंच की ग्राम की बंद नल जल योजना को चालू करने में कोई रुचि नहीं होने से गर्मी में हर वर्ष ग्राम में जल संकट खड़ा हो जाता है। 

ग्राम के जागरूक नागरिक बलराम विश्वकर्मा (Ballram Vishwakarma)ने बताया कि जनपद पंचायत में तीसरे नंबर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत की साढ़े हजार की आबादी वाले ग्राम गोरहा में हर वर्ष गर्मी में पानी का संकट खड़ा हो जाता है। ग्राम पठारी क्षेत्र बहोरीबंद से लगा होने के कारण गांव का जल स्तर बहुत नीचे है और गर्मी शुरू होने के साथ जलस्तर एकदम नीचे चला जाता है। ग्राम में पेयजल उपलब्धता के लिए लगे हैंडपंप के बिगड़ने का क्रम शुरू हो जाता है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अमले द्वारा बिगड़े हैंडपंप का समय रहते सुधार नहीं करने से बिगड़े हैंड पंपों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है और ग्राम में पेयजल संकट बन जाता है। ग्राम के शिवराज लोधी, आनंद पटेल, अजय सेन ने बताया कि 5 वर्ष पहले मध्य प्रदेश(Madhya pradesh) शासन के तत्कालीन मंत्री अजय विश्नोई(Ajay Vishnoi) के प्रयास से एक करोड़ की लागत से नल जल योजना की स्वीकृति दी थी। नल जल योजना का काम पूरा होने के बाद नई टंकी से पानी का रिसाव होने के कारण से योजना अभी  शुरू नहीं हो सकी। सब योजना ठप पड़ी हुई है।

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