
भोपाल : आयुषी जैन : मध्यप्रदेश में छात्र छात्राओं के परीक्षाओं के मुद्दे को लेकर आज भी तूल बना हुआ है, प्रदेश स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा फिर उसके कुछ समय पश्चात यूजीसी की गाइडलाइन आना जिसमें यह बताया जाता है कि अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को परीक्षाएं देना अनिवार्य है..
प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राएं शिवराज जी से उम्मीद लगाए बैठे थे कि परीक्षाओं के विषय में माननीय सीएम साहब कुछ ना कुछ बताएंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के पहले जनरल प्रमोशन की घोषणा करना उसके पश्चात यूजीसी की गाइडलाइन आने के बाद चुप्पी साध लेना..
यह सब पिछले कुछ दिनों से चल रहा है..
वहीं आज उन्होंने छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं को लेकर एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि मध्यप्रदेश और देश का भविष्य छात्र ही है वह छात्रों के स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य को देखते हुए विशिष्ट रूप से परीक्षाएं आयोजित करवाएंगे।
अब तुम अपने घर पर ही रहकर परीक्षा देकर डिग्री प्राप्त कर सकते हो। मेरा आशीर्वाद और शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। pic.twitter.com/XfHlKpVB6E
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 27, 2020 “>http://
मेरे बच्चों, तुम्हीं मध्यप्रदेश और देश का भविष्य हो। तुम्हारे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए मैंने तुम्हारी परीक्षाओं के लिए विशिष्ट व्यवस्थाएं की है।
अब तुम अपने घर पर ही रहकर परीक्षा देकर डिग्री प्राप्त कर सकते हो। मेरा आशीर्वाद और शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। pic.twitter.com/XfHlKpVB6E
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 27, 2020
अब बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए प्रदेश की स्थिति भयावह दिन-ब-दिन होती जा रही है अब देखना यह है कि इस कोरोना काल में छात्र छात्राओं के ऑनलाइन एग्जाम कराना भी कितनी बड़ी चुनौती साबित होगी क्योंकि आज भी छात्रों का एक तबका ऐसे स्थानों से ताल्लुक रखता है जहां इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है
बता दें कि पिछले 2 दिनों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती हैं उनकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी जिसकी जानकारी उन्होंने स्वयं ट्वीट करके जनता तक पहुंचाई थी.