टाले जाएंगे निकाय और पंचायत चुनाव? शिवराज सरकार ने मप्र पुलिस की 50 कंपनियों को भेजा बंगाल और तमिलनाडु

मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश में बीते दिनों नगर निकाय चुनाव तो नहीं लेकिन पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर अटकलें तेज़ थी। लेकिन अब वो भी ठंडे बस्ते में जाती हुई नज़र आ रहीं हैं। दरअसल केंद्र के निर्देश पर शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश पुलिस की 50 कंपनियों को विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल और तमिलनाडु भेजा हैं। जिसके बाद अब प्रदेश में सशस्त्र बल की उपलब्धता पंचायत चुनाव में बाधा बन रही हैं। इस मामले में गृह विभाग द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना दे दी गई हैं। 

हालांकि, इससे पहले आयोग द्वारा कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे कि चुनाव को देखते हुए तैयारियां पूरी रखें। इसके बाद ही संभावना जताई जा रही थी कि जल्द प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आयोग के अध्यक्ष वीपी सिंह ने भी कहा था कि अप्रैल में परीक्षाओं के कारण चुनाव नहीं कराया जाए सकेंगे लेकिन निकाय और पंचायत में से एक चुनाव जल्द कराने की तैयारी की जा रही हैं। लेकिन अब यह माना जा रहा है कि नगरी निकाय चुनाव पंचायत चुनाव एक बार फिर से टाले जा सकते हैं। 

बता दे प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत चुनाव कराने के लिए पर्याप्त सशस्त्र बल की उपलब्धता संशय की स्थिति बनी हुई हैं। सशस्त्र बल के तमिलनाडु और बंगाल भेजे जाने पर अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा का कहना है कि आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से बल मांगा था, जो भेजा गया हैं। जबकि, इस मामले में आयोग के सचिव दुर्ग विजय सिंह का कहना है कि गृह विभाग ने पत्र लिखकर सशस्त्र बल की जानकारी से अवगत कराया हैं। जिसके बाद अब वहां चुनाव के लिए बल उपलब्ध कराने के बाद मध्य प्रदेश में चुनाव के लिए परेशानी बढ़ जाएगी। दुर्ग विजय सिंह का कहना है कि हमने पहले ही राज्य शासन को बताया है कि बोर्ड परीक्षा से पहले प्रथम चरण का चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके मद्देनजर प्रदेश में इतना सशस्त्र बल अवश्य आरक्षित कर रखा जाए। जिससे सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी का सामना ना करना पड़े। 

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