सिंधिया समर्थकों के कारण बैकफुट पर गई शिवराज सरकार? कैसे करे कार्रवाई, ये है पूरा मामला

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – कमलनाथ सरकार के दौरान पड़े आयकर विभाग छापों को लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, सीबीडीटी की रिपोर्ट के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश की सियासत गर्म हैैं। आए दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं। 

सीबीडीटी की रिपोर्ट में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के मंत्री सहित 64 विधायकों के नाम हैं। इनमें से 13 विधायक रिपोर्ट आने से पहले भाजपा का दामन थाम चुके हैं। खास बात ये है कि इन 13 में से 8 विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। 

ये नेता भी अब कांग्रेस की तरह यही कह रहे हैं कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि सत्ता दल और विपक्ष दोनों के नेताओं का नाम आने के कारण सरकार कार्रवाई करने का निर्णय नहीं ले पा रही हैं। 

वहीं, सिंधिया समर्थकों के नाम शामिल होने के कारण अब तक उनकी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई हैं। जबकि सीएम शिवराज का कहना है कि रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर दोषी कोई भी हो, वैधानिकता के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है  कि कमलनाथ के गोरखधंधों की वजह से ही इन नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी हैं। इस मामले में कोई भी लिप्त क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा।

बता दे कि इस रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम नहीं है, लेकिन दिग्विजय सिंह पर लोकसभा चुनाव में 90 लाख रुपए मिलने के आरोप हैं।

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