
- कमलनाथ ने बीजेपी सरकार को लेकर किया ट्वीट
- अधिकारियों के यहाँ छापो में निकल रही हैं करोड़ों की काली कमाई
भोपाल/अंजली कुशवाह: मध्य प्रदेश में सियासी जंग थमने का नाम नहीं ले रही हैं. इसी बीच फिर से एक बार कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा हैं. उन्होंने ट्विटर पर प्रदेश की सरकार पर तंज कसते हुए लिखा हैं की- शिवराज जी खाओ और खाने दो की नीति का काम किस पार्टी में धड़ल्ले से चल रहा है, इसकी गवाह तो ख़ुद प्रदेश की जनता है. आप तो ख़ुद उसकी सच्चाई चुनावी क्षेत्रों के मंचो से रोज़ स्वीकार रहे है, खाने वालों के नाम पुकार रहे है. आप ख़ुद कह रहे है कि मुझे सब पता है योजनाओं में कौन-कौन पैसा खा रहा है, अदने से अधिकारियों के यहाँ छापों में करोड़ों की काली कमाई निकल रही है. आप के प्रदेश प्रभारी ख़ुद आपकी पार्टी की बैठक में नसीहत देते है कि ना खाऊंगा और न खाने दूँगा सिर्फ़ मंत्रियों के लिए ही नहीं है बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भी है. आपकी सरकार ने जो गड्डे माफियाओ के लिए खोदे थे, उसमें माफिया तो गढ़े नही लेकिन उसमें माफ़ियाओं को बचाने के नाम पर की जा रही वसूली ज़रूर प्रदेश भर से रोज़ गढ़ रही है.
कोरोना काल में हुए कई फ़र्ज़ीवाडे
इसके अलावा कमलनाथ ने प्रदेश में हुए फर्जीवाड़ों को लेकर भी शिवराज सरकार को घेरा हैं. उन्होंने लिखा – पिछले 17 वर्षों में व्यापम, ई-टेंडर, पौधारोपण, डंपर, नर्मदा सेवा यात्रा, सिंहस्थ, ग़रीबों को सड़े गेहूँ-चावल का वितरण, कोरोना काल में तमाम फ़र्ज़ीवाडे जैसे खाओ और खाने दो के काम ही तो हुए हैं.
किसान सम्मान निधि योजना में हुए फर्ज़ीवाड़े को लेकर भी किया था ट्वीट
बता दें कि इससे पहले भी कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कई मामलों पर शिवराज सरकार को घेर चुके हैं. उन्होंने व्यापम मामले को लेकर भी सीबीआई जाँच की मांग की थी. हाल ही में उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना में हुए फर्ज़ीवाड़े को लेकर भी कहा थी कि प्रदेश के लाखों किसानों के लिए किसान अपमान योजना बन चुकी है. इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में बढ़ती हुई महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार को कई बार घेरा हैं.
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने भी सिंधिया को लेकर किया ट्वीट
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी के के मिश्रा ने भाजपा सरकार और बीजेपी के नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर ट्विटर के माध्यम से निशाना साधा. उन्होंने लिखा था कि जब सरकारी एयर लाइन्स नहीं बची तो फिर नागरिक उड्डयन मंत्री का अब क्या काम हैं?
अब आगे ये देखना होगा कि कांग्रेस के इस तरह के रवैये के बाद भाजपा सरकार की क्या प्रतिक्रिया सामने आएगी?