उपचुनाव से पहले "शिवराज सरकार" को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट सख्त, मांगा इसका जवाब…

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की सियासत में उस समय बवाल मचा था जब मार्च माह में ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके 22 समर्थकों ने कमलनाथ सरकार से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामा था। 15 माह के भीतर राज्य से कमलनाथ की सरकार गिर गई, और शिवराज सरकार ने प्रदेश की कमान संभाली। 

इस दौरान शिवराज सरकार ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर आए 22 विधायकों में से कई पूर्व विधायकों को अपने कैबिनेट में शामिल किया। 

जिसको लेकर कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि बिना दोबारा चुनाव लड़े और बिना विधायक बने किसी नेता को मंत्री पद दिया जाना उचित नहीं है। इसलिए ऐसे नेताओं को अयोग्य साबित किया जाए।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के मुख्य सचिव व स्पीकर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हैं। 

खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे समय जवाब मांगा है जब राज्य की 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। अब इस मामले में सियासत होना तो लगभग तय हो गई हैं।

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