
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर चयनित शिक्षक करेंगे भूख हड़ताल, खून से हर रोज लिख रहे हैं सरकार के नाम पत्र
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मप्र में चयनित शिक्षकों को लेकर विपक्षी दल बार बार सरकार को घेर रही है. शिक्षकों द्वारा पूर्व में बड़े आंदोलन किये गए जिसके बाद कुछ चयनित शिक्षकों की नियुक्ति तो हुई लेकिन बड़ी संख्या में अब भी चयनित शिक्षक बाहर हैं.
आज मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी, भर्तियों में घोटाले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है.
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि पूरे देश में
भर्ती निकले तो इम्तिहान नहीं
इम्तिहान हो तो परिणाम नहीं
परिणाम आ जाए तो आदेश नहीं
और
काम भी मिल जाए तो उचित दाम नहीं !
क्या कारण है भाजपा शासन में जितनी भी परीक्षा होती हैं उनमें पेपर कैसे कुछ लोगों के पास पहुँच जाता है.
Online और Objective Test परीक्षा का तो आप उदाहरण देख ही चुके हैं। VYAPAM.
CBI ने भी VYAPAM द्वारा परीक्षा की केवल मेडिकल कॉलेज में भर्ती की जॉंच की।
मप्र शासन में शासकीय सेवाओं में 2007- 2013 में शिक्षा परिवहन खाद्य राजस्व विभागों की भर्तियों की जाँच ही नहीं हुई।
इनके साथ ही एक दिन पूर्व प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने चयनित शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का भविष्य बनाने वाला शिक्षक आज मध्य प्रदेश में दर-दर की ठोकरें खा रहा है। शिवराज सरकार सिर्फ खोखले वादे करती है, जमीनी हकीकत तो हमारे शिक्षकों से पूछो!!
चयनित तथा अतिथि शिक्षकों के विषय में कब कोई ठोस फैसले लेगी सरकार…
लगातार चयनित शिक्षक अतिथि शिक्षकों का मुद्दा गरमा रहा है. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जिनके मुद्दे पर छल से भाजपा ने सरकार बनाई थी वो आज तक सड़कों पर हैं और सड़कों पर उतरने वाले हेलीकाप्टर में हैं.
इसके साथ ही चयनित शिक्षकों ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी पर भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है.
साथ ही इन दिनों चयनित शिक्षक खून से सरकार के नाम पत्र लिख रहें हैं पर अब तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
आगे देखना होगा कि शिक्षक भर्ती का यह मुद्दा और कितना तूल पकड़ता है.