चयनित शिक्षकों के साथ अन्याय कब तक ? पहले खून से पत्र और फिर जल सत्याग्रह, सरकार फिर भी मौन,

चयनित शिक्षकों के साथ अन्याय कब तक ? पहले खून से पत्र और फिर जल सत्याग्रह, सरकार फिर भी मौन,

 

 

 भोपाल:- मध्य प्रदेश में चयनित शिक्षकों का दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा. शिक्षकों ने पहले खून से पत्र लिखकर सरकार को सौंपा और फिर बसंत पंचमी के दिन जल सत्याग्रह किया लेकिन फिर भी सरकार का दिल पसीज नहीं रहा.

 

 बताते चलें कि दो हजार अट्ठारह शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किए हुए चयनित शिक्षक अपनी नियुक्ति के लिए सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं पर इन सभी मुद्दों पर सरकार की तरफ से सिर्फ एक ही जवाब आता है कि जल्द उनकी नियुक्ति होगी. इंतजार में कई शिक्षकों ने आत्महत्या कर ली तो कई लोगों की कोरोना में जान चली गई. बीपीआई और ट्राइबल विभाग द्वारा शिक्षकों को नियुक्ति दी गई लेकिन अभी ज्यादा संख्या में शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. वेटिंग अभ्यर्थी और अभ्यावेदन दिए हुए अभ्यर्थी सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उनके नियुक्ति जल्द की जाए लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री की तरफ से कोई भी जवाब सामने नहीं आ रहा.

 

 आगे देखना होगा कि चयनित शिक्षकों को लेकर सरकार का रवैया कब बदलता है

Exit mobile version