छात्रवृत्ति घोटाला : एक छात्र के नाम पर अलग-अलग कॉलेजों में जारी हुई छात्रवृत्ति, अफसरों को बनाया गया आरोपी

 

मध्यप्रदेश : छात्रवृत्ति को लेकर अक्सर कई घोटाले देखे जाते हैं, अफसर रिश्वत खाकर झूटी छात्रवृत्ति बनवाते हैं | तीन पैरामेडिकल कॉलेजों में हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को पूरा होने में सात साल लग गए, लोकायुक्त जांच में पता चला है की एक छात्र के नाम से कई कॉलेजों ने छात्रवर्ती हासिल कर ली, जबकि उस छात्र ने एडमिशन ही नहीं लिया था| कई अफसरों ने जांच के दौरान उन छात्रों के बयान लिए हैं जिनकी कॉलेजों ने नकली छात्रवर्ती बनवायी |  

एक छात्र ने कहा, उसने किसी भी पैरामेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया था। इसके बाद भी उसके नाम पर अलग-अलग कॉलेजों से छात्रवृत्ति जारी हो गयी | इधर कटनी, झाबुआ, नीमच, खरगोन, खंडवा,धार जिले के विद्यार्थियों को प्रवेश देने के बाद उन्हें छात्रवृत्ति देने का हवाला देकर घोटाला किया गया है| कॉलेज ने सामाजिक न्याय विभाग के अफसरों के साथ मिलकर घोटाला किया| अफसरों को भी आरोपी बनाया गया है| कॉलेज संचालको को नोटिस जारी किये गए हैं |लोकायुक्त ने 2014 में पियोनीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल साइंस, जी मालवा कॉलेज और रितुन्जय इंस्टिट्यूट में हुए छात्रवृत्ति घोटालों को लेकर केस दर्ज करना शुरू किये थे जिसमे से लगभग 39 केस दर्ज हुए | 

Exit mobile version