जन्मदिन विशेष:- एक रांची का शेर तो दूसरा बंगाल का टाइगर, दोनों ने खूब रचे इतिहास

जन्मदिन विशेष:- एक रांची का शेर तो दूसरा बंगाल का टाइगर, दोनों ने खूब रचे इतिहास

जन्मदिन विशेष:- 

एक रांची का शेर तो दूसरा बंगाल टाइगर।
दोनों के बिना है, भारतीय क्रिकेट अधूरा।

दो जांबाज़ और बेहतरीन कप्तानएक ने बड़ी टीमों के सामने जुनून से लड़ना सिखाया। सिखाया कि कैसे जोखिम के समय भी मज़बूत टीम से कैसे मजबूती के साथ लोहा लेते है। अजरूद्दीन की कप्तानी के बाद भारतीय टीम को तलाश थी एक ऐसे कप्तान की जो इस युवा टीम को संभाल सके। सबकी निगाहें पहले मास्टर ब्लास्टर पर थी और ऐसा हुआ भी। पर उसके कुछ ही समय बाद बोर्ड की पहल पर कप्तानी आई एक ऐसे युवा के पास जो टीम की कमज़ोरी और मजबूती से अच्छी तरह वाकिफ था। वो ये जानता था कि इस टीम को कैसे लेकर आगे तक जाना है। वो एक बेहतर कप्तान के साथ ही साथ एक कुशल जोहरी भी था। जिसने भारतीय क्रिकेट को कई नायाब हीरे दिए। उसे संघर्ष भी तब झेलना पड़ा था, जब खिलाड़ी सम्मानजनक स्थिति में रहते हैं। हालांकि कहना ना होगा कि क्रिकेट खेल की तरह ही खिलाड़ियों का करियर भी अनिश्चितताओं से भरा होता है।

सो उतार चढ़ाव के साथ ही भारतीय क्रिकेट जगत के दादा अब बीसीसीआई प्रमुख तक की कुर्सी पर काबिज़ है।

अब आते हैं कैप्टन कूल धोनी पर। MSD मुवी देखने वाले दर्शक महेंद्र सिंह धोनी के जीवन के अनछुए पल बखूबी जानते होंगे कि किस तरह धोनी ने बहुत ही छोटी शुरुआत से इतना बड़ा मुकाम इतना बड़ा करियर हासिल किया। इस दौरान आए हुए हर उतार-चढ़ाव को भी बखूबी झेला और हर तरह से अपने लक्ष्य के लिए अडिग रहने वाला यह रांची का माही भारतीय टीम का कैप्टन कुल बना। भारत को क्रिकेट में सर्वोच्च शिखर दिलाने वाले महेंद्र सिंह धोनी बहुत ही संघर्ष से इस मुकाम तक पहुंच पाए और क्रिकेट का ऐसा कोई फॉर्मेट नहीं बचा। जहां पर बंदे ने अपनी काबिलियत के झंडे ना गाड़े हो। कप्तानी, विकेट कीपिंग स्ट्रेटजी और शानदार बल्लेबाजी की बदौलत महेंद्र सिंह धोनी भारत ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट जगत में एक ऐसा नाम है जिसे आने वाले कई सालों तक याद रखा जाएगा। कल ही कैप्टन कूल का जन्मदिन था और आज भारतीय क्रिकेट जगत के दादा कहे जाने वाले बंगाल टाइगर अर्थात सौरव गांगुली का जन्मदिन है। यह दोनों ही कप्तान भारतीय क्रिकेट के स्वर्ण युग के शिल्पकार हैं। जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को दुनिया की अन्य टीमों के सामने मजबूती के साथ पेश किया। विदेशी धरती पर उनकी कप्तानी में जब जब भारत का झंडा लहराता था। यह दृश्य देखते ही बनता था। खैर अब आने वाला समय और चल रहा समय भी कुशल हाथों में है। विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम बहुत ही अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उम्मीद यही की जा सकती है कि आने वाले समय में भारतीय टीम अपने पूर्व के रिकॉर्ड को भी तोड़े और विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय टीम एक वर्ल्ड कप ज़रूर जीते।