
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल-
”बिटिया उत्सव“ कार्यक्रम का शुभारंभ
सतना से सैफी खान की रिपोर्ट : – बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत बिटिया उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को सिविल लाईन स्थित चौपाटी में किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्तिकरण करने की दिशा में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की सार्थक पहल की जा रही है। महिला बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने की पहल करने के साथ ही प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। आज महिलायें समय के साथ आगें बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार भी बेटियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए संवेदनशील है। शासन द्वारा सभी प्रकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलायें हर क्षेत्र में आगें आकर अपनी सहभागिता निभा रहीं हैं। प्रदेश की बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना से जोड़ा गया है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति घर में बेटा, बेटी से नियमित संवाद करें। मार्शल आर्ट, कराते से बेटियां आत्मरक्षा कर सकेंगी। शासन द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं से महिलायें सशक्तिकरण एवं स्वाबलंबी हो रहीं है। इन कार्यक्रमों से महिलाओं में जागृति भी आ रही है।
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि बेटी समाज का आधार है। इनकी सुरक्षा करना हम सभी का दायित्व है। बेटियों में जूडो, कराते सुरक्षा का उपाय है। बेटियों को इस कला को सिखाने में सामाजिक एवं विभिन्न संस्थायें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे बेटियां सुरक्षित रहेंगी तथा स्वाबलंबी एवं सशक्तिकरण की दिशा में आगें बढ़ेंगी। समाज को अपराध मुक्त करने की दिशा में महिला एनजीओ समाज को जोड़ने का प्रयास है। उन्होने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस संवदेनशील है। सुरक्षा के लिए 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुलायें, महिलाओं को त्वरित मदद मिलेगी। महिलाओं के प्रति अपराधों को रोकने के लिए समाज को जोडे़ें। संयुक्त संचालक महिला बाल विकास ऊषा सोलंकी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा करें। बेटियों के प्रति अपनी सोच बदले, बेटी पैदा होने पर घरों में भी इसी प्रकार उत्सव मनाये जाएं। बेटों को शिक्षा दें कि वे दूसरों की बेटी को भी सुरक्षित रखें। बेटियों के प्रति समान आचरण, व्यवहार रखें, मन साफ-स्वच्छ रखें। बेटियों को शिक्षित, मजबूत, आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास करें। उन्होने कहा कि बेटा-बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखें, समान दर्जा दें, इससे लिंगानुपात समान रहेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सौरभ सिंह ने बिटिया उत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह तीन दिवसीय कार्यक्रम जिला एवं जनपद मुख्यालयों में भी जिला प्रशासन एवं विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में रंजन मिश्रा एवं अम्बुज सिंह बघेल ने कराते से अतिथियों का अभिवादन कर कराते के माध्यम से आत्मरक्षा करने के गुर बतलाये गए। कार्यक्रम में कु.आस्था ने स्वागत वंदना एवं कु. रोजी डिसिलवा ने गीत का गायन किया। कार्यक्रम में इस सीजन की ब्रांड एम्बेसडर विशेषता सिंह को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। मुक्त आकाश में गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त की। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुपरवाइजर खुशबू प्रजापति ने किया। इस मौके पर शुभम प्रिया कटेसरिया, ब्रांड एम्बेसडर कु.कीर्ति कुशवाहा, श्याम किशोर द्विवेदी, प्रोफेसर हर्षवर्धन श्रीवास्तव, शैला तिवारी सहित महिलायें एवं बेटियां उपस्थित थीं।