शहीद ATS चीफ हेमंत करकरे को लेकर सांसद साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान, कहा "वह नहीं थे देशभक्त" उन्होंने…….

शहीद ATS चीफ हेमंत करकरे को लेकर सांसद साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान, कहा “वह नहीं थे देशभक्त” उन्होंने…….

 

 

 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं अब एक बार उन्होंने फिर से विवादित बयान दिया है. साध्वी प्रज्ञा ने शुक्रवार को एक बार फिर 26/11 हमले में शहीद हुए एटीएस हेमंत करकरे को लेकर बड़ा बयान दिया. साध्वी प्रज्ञा का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है.

 सांसद ने कहा कि एक इमरजेंसी लगी थी 1975 में, और एक इमरजेंसी जैसी अवस्था बनी थी 2008 में, जिस दिन मालेगाव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा को अंदर किया गया. साध्वी ने कहा मैंने स्वयं उस चीज को देखा भी है सुना भी है और झेला भी है. मेरे आचार्य जी जिन्होंने मुझे आठवीं कक्षा में पढ़ाया उन्हें हेमंत करकरे ने हानि पहुंचाई. उन्हें लोग देशभक्त करते हैं पर जो असल में देश भक्त हैं वह देश भक्त नहीं कहते हैं. भाई बढ़ाने के लिए उसने हमारे कई शिक्षक और आचार्य जी की उंगलियां और पसलिया तोड़ी, यह किस लिए था क्या यह लोकतांत्रिक था?

उल्‍लेखनीय है कि हेमंत करकरे मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए थे। इस आंतकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। आंतकियों से मुकाबला करते हुए करकरे समेत कुल 17 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। साल 2009 में करकरे को भारत सरकार ने मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था। मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच उनके ही पास थी।

बता दें साल 2019 में भी प्रज्ञा ने अपने एक बयान में कथित तौर पर कहा था कि करकरे ने हिरासत में उनके साथ बुरा व्यवहार किया था इसके लिए उन्होंने उन्हें श्राप दिया था, इसलिए करकरे की मृत्यु हो गई। बाद में इस टिप्पणी की आलोचना होने पर प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी

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