MP New Transfer Police पर बवाल, इन अधिकारियों के नहीं होंगे तबादलें, जानें वजह

मध्यप्रदेश/भोपाल : गुरुवार को मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने नई ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर दी हैं।

नई पॉलिसी के जारी होते ही अधिकारियों-कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई हैं। दरअसल, इस पॉलिसी के जारी होते ही जहां एक तरफ प्रभारी मंत्री नियुक्ति को लेकर सवाल बना हुआ है, वही दूसरी तरफ कई ऐसे अधिकारी-कर्मचारी भी है, जिनका तबादला नहीं हो सकेगा।

बता दे कि नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत तहसील, जिला व राज्य स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर ही किए जाएंगे। वहीं, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन और जिले के भीतर के तबादले प्रभारी मंत्री और कलेक्टर आपसी समन्वय से करेंगे।

इन अधिकारियों के नहीं होंगे तबादलें

नई पॉलिसी के मुताबिक जो अधिकारी-कर्मचारी वित्त अनियमितता और शासकीय धन के दुरुपयोग में दोषी पाए गए है, उनका ट्रांसफर नहीं होगा। उन्हें पद से हटाया जाएगा।वही दोबारा से पद पर पदस्थ नहीं किया जाएगा।

जिन अधिकारियों व कर्मचारियों का रिटायरमेंट 1 साल के भीतर होना है, उनका ट्रांसफर नहीं होगा। वही जिनके आपराधिक प्रकरण या विभागीय जांच लंबित है, उनके ट्रांसफर नहीं होंगे। इसके अलावा पति-पत्नी का एक साथ ट्रांसफर स्वयं के व्यय पर होगा।

इसके अलावा क्रय, स्टोर और शाखा में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को सामान्यत: 3 साल की अवधि पूर्ण होने पर ही अन्य शाखा या स्थान पर पदस्थ किया जाएगा।

नई नीति (MP New Transfer Policy 2021)  के अनुसार, डीएसपी से नीचे के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले पुलिस स्थापना बोर्ड करेगा। जिले में प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर पुलिस अधीक्षक पोस्टिंग करेंगे। डीएसपी और उनसे ऊपर के तबादले गृह मंत्री के अनुमोदन के बाद मुख्यमंत्री समन्वय से होंगे। तबादलों को लेकर कई नए नियम भी बनाए गए हैं। प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से होंगे।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने लंबे समय से लगी तबादलों पर लगी रोक हटा दी है, अब 1 जुलाई से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले शुरू हो जाएंगे। दरअसल, 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। 

सीएम शिवराज सिंह ने कहा था कि 1 से 31 जुलाई तक तबादलें हो सकेंगे। इसके तहत विभागीय स्तर पर मंत्री और स्थानीय स्तर पर प्रभारी मंत्री की मंजूरी से तबादले हो सकेंगे। मानवीय संवेदना ओं के आधार पर ही तबादले होंगे।

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