
रीवा : मंगलवार को मध्यप्रदेश के रीवा में एक महंत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। ये घटना शहर के सबसे पॉश इलाके राजनिवास (सर्किट हाउस) में हुई। घटना को अंजाम देने के बाद महंत सीताराम दास उर्फ समर्थ त्रिपाठी फरार हो गया था। जिसके बाद उसे सिंगरौली बस स्टैंड से पुलिस ने 30 मार्च को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 31 मार्च की दोपहर को मुख्य आरोपी महंत व सहयोगी विनोद पाण्डेय को सिविल लाइन थाने से जुलूस निकालते हुए पैदल न्यायालय ले जाया गया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट के सामने पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी। इसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपियों को पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस दौरान कोर्ट में वकीलों ने फांसी दो, फांसी दो के नारे भी लगाए।
वहीं, इससे पहले इस मामलें में प्रदेश के मुख्या शिवराज सिंह ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर सहित एसपी और आईजी को बुलडोजर काम पर लाने और बलात्कारियों के ठिकाने को तबाह करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद जिला प्रशासन ने गुढ़ कस्बा स्थित महंत सीताराम दास के मकान को तोड़ दिया। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी नईगढ़ी क्षेत्र के अकौरी गांव पहुंचे। जहां दूसरे आरोपी विनोद पाण्डेय के घर को ढहा दिया।
गौरतलब है कि हिस्ट्रीशीटर बदमाश उसके एक साथी के साथ सर्किट हाउस में किशोरी को लेकर आया था, जहां पहले किशोरी को शराब पिलाने की कोशिश की गई थी। फिर गुंडा और उसका साथी रूम का दरवाजा बंद कर निकल गए और महंत ने ये वारदात की। महंत ने गलत काम करने के बाद अपने चेलों से उसे घर छोड़ आने को कहा। हिस्ट्रीशीटर ने उसे धमकाया कि किसी को कुछ नहीं बताना।
वहीं, इस घटना के बाद CM Shivraj का बड़ा बयान सामने आया था। सीएम ने कहा था कि राज निवास में जो घटना घटी है यह घटना बेहद निंदनीय है। बेटियों की तरफ किसी भी दुराचारी नजर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरी तरह से ऐसे गलत नजर उठाने वाले को कुचल दिया जाएगा। जिन्होंने भी ऐसी हरकत की है। उन सब के लिए बुलडोजर तैयार है। इनको जमींदोज करना बेहद आवश्यक है।