जबलपुर से भटके जंगली हाथी का कान्हा में रेस्क्यू ऑपरेशन, लोहे की बेडि़यों से बांध कर रखा

    जबलपुर से भटके जंगली हाथी का कान्हा में रेस्क्यू ऑपरेशन, लोहे की बेडि़यों से बांध कर रखा

   द लोकनीति डेस्क जबलपुर 
 छत्तीसगढ़ से आये हुए दो जंगली हाथियों के मध्यप्रदेश में लगातार विचरण के  बाद 7 नवम्बर को जबलपुर के बरगी में विद्युत करंट से एक हाथी की मृत्यु हो गई थी।  दूसरे जंगली हाथी की सुरक्षा एवं जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे पकड़े जाने के निर्देश प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), मध्यप्रदेश  भोपाल द्वारा दिये गये। दूसरा जंगली हाथी जबलपुर से मंडला जिले के वनक्षेत्र से गुजरते हुए 03 दिसम्बर  को  कान्हा टायगर रिजर्व के बफर जोन वनमंडल के अंतर्गत सिझौरा परिक्षेत्र के मोहगांव के पास से कोर जोन के अंतर्गत सरही परिक्षेत्र में पहुंचा। 
 लगातार करता रहा मूवमेंट,  लगातार निगरानी रखी जा रही थी 
 इसके मार्ग को अनुश्रवण करते हुए विक्रम सिंह परिहार, भा.व.से., क्षेत्र संचालक, पेंच टायगर रिजर्व, सिवनी के नेतृत्व में  एस. के. सिंह, भा.व.से., क्षेत्र संचालक, कान्हा टायगर रिजर्व, मंडला के सहयोग एवं श्री नरेश सिंह यादव, भा.व.से., उप संचालक, बफर जोन व  रविन्द्र मणी त्रिपाठी, भा.व.से.. उप संचालक, कोर, कान्हा टायगर रिजर्व तथा रेस्क्यू दल के अन्य सदस्यों के साथ लगातार सर्वेक्षण में लगे रहे।  04 दिसम्बर को हाथी की उपस्थिती कान्हा परिक्षेत्र के परसाटोला वनक्षेत्र में पायी गयी। इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी, परंतु प्रत्यक्ष दर्शन न होने से इसको पकड़ने की कार्यवाही नहीं हो पा रही थी।
हाथी को इसके पकड़े गये स्थान पर ही लोहे की बेडि़यो से बांध कर रखा गया
6 दिसम्बर को पुनः उसी क्षेत्र में हाथी के पगमार्क पाये जाने पर 6 विभागीय हाथियों की सहायता से वनक्षेत्र में खोजबीन की गयी। पूर्वान्ह 11 बजे जंगली हाथी की उपस्थिति प्रत्यक्ष रूप से परसाटोला के वनक्षेत्र में सुनिश्चित होने के बाद इसको पकड़ने की कार्यवाही आरंभ की गयी। समस्त प्रक्रिया को अपनाते हुए उसे दिन में लगभग 03.30 बजे पकड़ लिया गया।  इस कार्यवाही को डॉ. संदीप अग्रवाल एवं डॉ. अखिलेश मिश्रा, वन्यप्राणी चिकित्सक की उपस्थिति में किया गया। हाथी को इसके पकड़े गये स्थान पर ही लोहे की बेडि़यो से बांध कर रखा गया है।  स्थिति का परीक्षण कर हाथी को किसली परिक्षेत्र के हाथी केम्प किसली बाड़े (क्रॉल) में रखने की कार्यवाही की जाएगी।

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