
राजस्थान/जयपुर : राजस्थान में कुल मंत्रियों की संख्या 30 हो सकती हैं। अभी 21 मंत्री है, जबकि 9 सीटें अभी खाली हैं। सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट 9 खाली पदों में से 6 से 7 मंत्री पद अपने समर्थकों के लिए चाहते हैं। पायलट की ख्वाहिश है कि उनके करीबी विधायकों को मंत्रिपरिषद में जगह दी जाए।
इसी बीच अब कांग्रेस ने सचिन पायलट को फाइनल ऑफर दे दिया हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान कैबिनेट में 3 मंत्रिपद के साथ उन्हें महासचिव और राज्य का प्रभारी बनाने का ऑफर दिया हैं।
पार्टी सचिन को महासचिव बनाकर किसी महत्वपूर्ण राज्य का प्रभारी बनाने को तैयार हैं। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर सचिन मान जाएं तो मंत्रिमंडल विस्तार जल्दी कर दिया जाएगा।
खबरों की मानें तो सचिन पायलट राज्य में निगम और बोर्ड के खाली लगभग 40 पदों में से आधे या कम से कम 15 चाहते हैं, जिसपर न तो अशोक गहलोत तैयार हैं और न ही पार्टी। पार्टी सूत्र कहते हैं कि उनके कुछ समर्थकों को समायोजित जरूर किया जा सकता है, लेकिन कोई संख्या निर्धारित नहीं की जाएगी।
माना जा रहा है कि पार्टी सचिन को खोना नहीं चाहती और गहलोत को नाराज भी नहीं करना चाहती, इसीलिए बैलेंस बनाने में वक़्त लग रहा हैं। पिछले साल के मुकाबले सचिन की ताकत कम हुई है इसलिए उनका दबाव भी पार्टी पर कम हुआ हैं।
बता दे कि कांग्रेस पार्टी और सीएम अशोक गहलोत का तर्क है कि 9 मंत्री पद खाली हैं। इसमें बीएसपी के छह विधायकों और निर्दलीय (लगभग एक दर्जन विधायकों) में से भी कुछ को मंत्री बनाना है, वहीं, कुछ गहलोत कैम्प से भी मंत्री बनेंगे, इसलिए सचिन पायलट को 3 से ज्यादा मंत्रिपद दे पाना संभव नहीं हैं।
इधर, आलाकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल राजस्थान में अशोक गहलोत ही पार्टी के नंबर 1 नेता हैं। सचिन को उनके साथ समन्वय से आगे बढ़ना होगा, क्योंकि सचिन ही राज्य में पार्टी के भविष्य हैं। वहीं, पार्टी अब सचिन के दबाव में नहीं आने वाली हैं।